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Saturday, April 25, 2026

चित्रकूट में मरणोपरांत नेत्रदान से दो लोगों को मिलेगी नई दृष्टि

चित्रकूट,  सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले की धरती पर एक ऐसा भावुक और प्रेरक दृश्य सामने आया, जिसने इंसानियत की परिभाषा को नई रोशनी दे दी। सदगुरू नेत्र चिकित्सालय से जुड़े अजय सिंह के आकस्मिक निधन के बाद, उनके परिवार ने शोक को सेवा में बदलते हुए मरणोपरांत नेत्रदान का निर्णय लिया। पत्नी श्रीमती शकुंतला सिंह ने नम आंखों से कहा कि उन्हें वापस तो नहीं ला सकते, पर उनकी आंखों से दो जिंदगियां जरूर रोशन कर सकते हैं। सूचना मिलते ही चिकित्सालय की टीम ने तत्परता से प्रक्रिया पूरी की, जिससे दो जरूरतमंदों को नई दृष्टि मिलेगी। निदेशक डॉ इलेश जैन ने इसे महादान बताते हुए समाज से आगे आने की अपील की। महिला समिति अध्यक्ष उषा जैन ने भी इस पहल को कुरीतियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश बताया।

नेत्रदान के बाद मौजूद परिवार

चित्रकूट में एनएच-731ए के चौड़ीकरण हेतु भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू चित्रकूट। जिले की धरती पर विकास की रफ्तार अब जमीन के सौदों से होकर गुजरेगी। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर राजापुर स्थित एनएच-731ए (चित्रकूट-प्रयागराज-वाराणसी खंड) को 4/6 लेन में तब्दील करने की तैयारी तेज हो गई है। 0़000 से 59.848 किमी तक फैलने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भंभेट मुस्तकिल, खटवारा, मलवारा, पराको और रम्पुरिया अव्वल गांवों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में आएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पत्र के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-3(क) के तहत अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस बीच अपर उपजिलाधिकारी कर्वी को सक्षम प्राधिकारी (सीएएलए) नामित किया गया है, जो भूमि अधिग्रहण की पूरी कमान संभालेंगे। अब सवाल है कि विकास की इस दौड़ में किसानों की जमीन का मोल क्या होगा- तरक्की की कीमत या फिर मजबूरी का सौदा?

चित्रकूट में माटी कला किट्स वितरण हेतु आवेदन आमंत्रित, 30 तक करें आवेदन

चित्रकूट। जिले में मिट्टी की खुशबू अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि रोजगार का मजबूत जरिया बनने जा रही है। उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड की माटी कला समन्वित विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 30 किट्स वितरण का लक्ष्य मिला है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संतोष कुमार के अनुसार, कुम्हार समुदाय और माटी शिल्प से जुड़े पारंपरिक व प्रशिक्षित कारीगरों को निःशुल्क पावर चालित चाक (पॉटरी व्हील) उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी कला को नई रफ्तार और आमदनी को नया आधार मिलेगा। 18 से 55 वर्ष तक के इच्छुक अभ्यर्थी 30 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला ग्रामोद्योग कार्यालय विकास भवन सोनपुर में जमा कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा होगी।


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