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Tuesday, April 7, 2026

ध्येय, मेहनत और गुरु प्रेरणा सफलता के लिए जरूरी - डॉ इलेश जैन

सदगुरु शिक्षा समिति का वार्षिक गृह-परीक्षा परिणाम घोषित

70 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राएं स्वर्ण एवं रजत पदकों से सम्मानित

चित्रकूट,  सुखेन्द्र अग्रहरि - परम पूज्य संत श्री रणछोड़दास जी महाराज की पावन प्रेरणा से चित्रकूट के जानकीकुंड में संचालित सदगुरु शिक्षा समिति के तत्त्वावधान में संचालित शैक्षणिक संस्था विद्याधाम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं सदगुरु पब्लिक स्कूल का वार्षिक गृह-परीक्षा परिणाम गरिमामय समारोह में घोषित किया गया । समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन एवं संस्कार आधारित शिक्षा की झलक स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई । मुख्य अतिथि के रूप में श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के प्रबंध ट्रस्टी एवं निदेशक डॉ. ईलेश जैन उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा समिति की अध्यक्षा श्रीमती उषा बी. जैन ने की । मंच पर उपाध्यक्ष श्रीमती अनुभा अग्रवाल, सचिव आर.बी. सिंह चौहान तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. राकेश शाक्या एवं श्री कार्तिकेय द्विवेदी की गरिमामयी उपस्थिति रही ।


कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ माता सरस्वती एवं पूज्य गुरुदेव के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया । इसके उपरांत स्वागतीय उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए श्रीमती उषा बी. जैन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया । उन्होंने अपने संबोधन में स्मृतिशेष पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन के  दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि, सदगुरु के शैक्षणिक संस्थान केवल पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य विद्यार्थियों के बौद्धिक, नैतिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक विकास को सुनिश्चित करना है, जिससे वे भविष्य में एक जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनकर राष्ट्र सेवा में अपना योदान सुनिश्चित कर सकें ।


तदुपरांत दोनों विद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा कक्षावार परीक्षा परिणामों की विस्तृत घोषणा की गई । विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए मंचासीन अतिथियों ने प्रत्येक कक्षा में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले 70 से अधिक छात्र-छात्राओं को स्वर्ण एवं रजत पदक प्रदान कर सम्मानित किया । इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर अभिभावकों एवं शिक्षकों में विशेष उत्साह एवं गौरव का वातावरण रहा ।

मुख्य अतिथि डॉ. ईलेश जैन ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि, उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, अनुशासन एवं संस्कार ही विद्यार्थियों की वास्तविक पहचान बनाते हैं उन्होंने कहा कि शिक्षा की प्रथम शुरुआत घर से होती है अर्थात संस्कार माता पिता ही बच्चों को देते है,साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षक और अभिभाषक की सहभागिता से बच्चे आगे बढ़ते है उन्होंने अपने पूज्य पिता पद्मश्री  स्व डॉ बी के जैन को याद करते हुए कहा कि डॉ जैन कहा करते थे देश का भविष्य इन्हीं बच्चों पर है उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि ध्येय,कड़ी मेहनत और गुरु की प्रेरणा जीवन में बहुत जरूरी है और जो इन तीनों को अपने जीवन में अपना लेता है वहीं आगे बढ़ता है। साथ ही उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को आधुनिक शिक्षा पद्धतियों एवं नवाचारों को बढ़ावा देने हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया । विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, अपने गुरुजनों का मार्गदर्शन, अनुशासन एवं उनकी सीख ही सफलता के द्वार खोलती है । उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं कि, वे आगामी भविष्य में चित्रकूट एवं सतना ही नहीं अपितु राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायें तथा शेष विद्यार्थियों को निराश न होकर आत्ममंथन, निरंतर अभ्यास एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन से आगामी सत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया । इस अवसर पर मीडिया प्रभारी वीरेंद्र शुक्ला, प्राचार्य शंकरदयाल पांडेय, राकेश तिवारी, सुरेन्द्र तिवारी, तुषारकांत शास्त्री, उप-प्राचार्य विनोद पाण्डेय, फूलचंद यादव, अंजलि भटनागर. सीमा चौधरी, ज्योति सिंह सहित उभय विद्यालयों के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे ।

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