बाँदा, के एस दुबे । आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, अजीत कुमार द्वारा आज मण्डल के समस्त मण्डलीय अधिकारियों के साथ ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन, ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निस्तारण तथा ऑनलाइन जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के उपरांत प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की गई। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर ऑफलाइन पत्रावली का प्रयोग न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सर्वोपरि है।
आयुक्त ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के पश्चात प्राप्त होने वाले फीडबैक की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक एवं समाधानपरक हो तथा फीडबैक में नकारात्मक प्रविष्टियों की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए। ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के संबंध में आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी आवेदन समयसीमा के भीतर निस्तारित किए जाएं तथा सूचना स्पष्ट, सुसंगत एवं नियमों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाए। अनावश्यक विलंब या अपूर्ण सूचना दिए जाने पर कठोर कार्यवाही किए जाने की चेतावनी भी दी गई।
इसी क्रम में आयुक्त द्वारा मण्डल के समस्त अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0), समस्त उपजिलाधिकारी एवं समस्त तहसीलदारों के साथ राजस्व वादों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने धारा-वार लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व वादों में अनावश्यक विलंब कतई स्वीकार्य नहीं है। सभी अधिकारी नियमित रूप से न्यायालयों की समीक्षा करें एवं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। आयुक्त ने कार्यालय आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा स्तर से प्रेषित शिकायती पत्रों की आख्या समय से उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से आख्या प्रेषित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर पर नियमित अनुश्रवण (Monitoring) करें, लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें तथा जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशानुसार पारदर्शी, जवाबदेह एवं प्रभावी प्रशासन स्थापित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।


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