मरौली खदान खण्ड 6 का माफिया सौरभ ने अवैध खनन की कमान ली
बाँदा, के एस दुबे । जिले में इस समय पेयजल की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। अप्रैल माह की शुरुआत में ही हालात मई-जून जैसी भीषण गर्मी और जल संकट का संकेत दे रहे हैं। एक ओर सरकार स्वच्छ पेयजल के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर केन नदी में हो रहे लगातार अवैध बालू खनन ने पूरे जिले के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। केन नदी, जो कभी बाँदा की जीवनरेखा मानी जाती थी, आज अवैध खनन के कारण धीरे-धीरे नाले में तब्दील होती जा रही है। मरौली खदान खण्ड संख्या 4, 5 एवं 6 सहित कई स्थानों पर भारी पोकलैंड मशीनों से नदी की जलधारा को रोककर अंधाधुंध खनन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में न केवल नदी का
प्राकृतिक स्वरूप नष्ट हो रहा है, बल्कि जल का प्रवाह भी बाधित हो रहा है। इसका सीधा असर जिले के जलस्तर पर पड़ रहा है। हैंडपंप सूखते जा रहे हैं, कुओं का जलस्तर नीचे खिसक रहा है और जल संस्थान को भी केन नदी से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। जब नदी में पानी ही नहीं बचेगा, तो आम जनता तक नियमित जल आपूर्ति कैसे संभव होगी? यही कारण है कि आज शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।
स्थिति यह है कि कुछ बाहरी लोगों और बालू माफियाओं के लालच के कारण पूरा जनपद जल संकट की ओर बढ़ रहा है। सवाल यह भी उठता है कि आखिर जिला प्रशासन और खनिज विभाग द्वारा इन अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है वही बुंदेलखंड इंसाफ सेना की प्रमुख मांगें है कि केन नदी में चल रहे सभी अवैध खनन कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए मरौली खदान खण्ड 4, 5 व 6 सहित अन्य खदानों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए एसटीएफ या विशेष निगरानी टीम तैनात की जाए नदी और पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए कार्यवाही न होने पर आंदोलन की चेतावनी यदि जिला प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द इस गंभीर समस्या पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए एस नोमानी एवं कार्यकर्ता आम जनता के साथ मिलकर दिनांक 10 अप्रैल 2026 को अशोक लाट तिराहा, बाँदा में विशाल धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
जानकारी के अनुसार मरौली खदान खण्ड 6 के गुर्गे इंदिरा नगर पत्रकारों को बुलाकर उनकी बोली लगाता है साथ ही वही से अधिकारियों को कमीशन पहुंचाया जाता है। वहां पर कई अवैध असलहे सहित कई गुर्गे रहते है खदान संचालक का गुंडा सौरभ जो अवैध खनन माफिया है जो मीडिया मैनेज का ठेका व अधिकारियों का पांच लाख में ठेका लिए है।


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