मऊ (चित्रकूट), सुखेन्द्र अग्रहरि। सपनों को सच करने का जज्बा जब जुनून में ढलता है, तो खामोश गांवों से भी सफलता की गूंज उठती है। खपटिहा गांव की बेटी शालू द्विवेदी ने अपनी अथक मेहनत और अडिग संकल्प से ऐसा ही इतिहास रच दिया है। प्रयागराज स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल न्यू कैंट इलाहाबाद में हिंदी विषय की टीजीटी शिक्षक के रूप में उनका चयन पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का प्रतीक बन गया है। पिता व पूर्व प्रधान दिलीप द्विवेदी की आंखों में गर्व की चमक है, तो भाई अंकित द्विवेदी इसे संघर्ष और समर्पण की जीत बताते हैं। छिवलहा गांव निवासी पति आशीष कुमार का सहयोग भी इस सफलता की नींव बना। शालू ने अपनी उपलब्धि का श्रेय ईश्वर और माता-पिता को दिया है। यह सफलता सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि उन तमाम बेटियों के लिए उम्मीद की मशाल है, जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।
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| नव चयनित टीजीटी शिक्षक शालू द्विवेदी |
चित्रकूट में दिव्यांग शिक्षक की तबीयत बिगड़ने से रास्ते में मौत चित्रकूट। कर्वी कोतवाली क्षेत्र के बूढ़ा सेमरवार गांव में शनिवार शाम एक संवेदनशील घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। दिव्यांग सरकारी शिक्षक हीरालाल पुत्र राधेश्याम की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन उन्हें निजी वाहन से सोनेपुर जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन किस्मत ने रास्ते में ही साथ छोड़ दिया और उन्होंने दम तोड़ दिया। पहाड़ी क्षेत्र के लोहदा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक रहे हीरालाल के निधन से विद्यालय और गांव में गहरा मातम पसरा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है।
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