मानदेय शिक्षकों का योगदान
संस्कृत शिक्षा में बना प्रदेश का सिरमौर
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले की धूल भरी पगडंडियों से उठकर जब संस्कृत की गूंज कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुँची, तो माहौल गर्व से भर उठा। संस्कृत शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश के बोर्ड परिणामों में इस बार जनपद के विद्यार्थियों ने ऐसा परचम लहराया कि हर चेहरा मुस्कुराहट और आत्मविश्वास से चमक उठा। पूर्व मध्यमा (हाईस्कूल) में श्री बालकेश्वरी संस्कृत विद्यालय लोहदा की निराशा देवी ने 85.14 प्रतिशत अंक लाकर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि विट्टन देवी और प्रतिभा देवी ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन से अपनी पहचान बनाई। वहीं उत्तर मध्यमा
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| निराशा देवी कक्षा 10 (पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष) जनपद की 1रैंक |
(इंटर) में श्री बाला जी संस्कृत विद्यालय के ऋषिदीप द्विवेदी ने 72.25 प्रतिशत अंकों के साथ बाजी मारी, उनके पीछे शिवानी मिश्रा और मोहित मिश्रा ने शानदार उपस्थिति दर्ज कराई। कलेक्ट्रेट में आयोजित सम्मान समारोह में प्रभारी मंत्री मन्नूलाल, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक, मानिकपुर विधायक और कोऑपरेटिव अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने मेधावियों को सम्मानित कर उनके हौसले को नई उड़ान दी। इस सफलता के पीछे संस्कृत विद्यालयों में
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| शिवानी मिश्रा उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष को सम्मानित करते हुए डीएम पुलकित गर्ग |
कार्यरत मानदेय शिक्षकों की मेहनत और समर्पण की बड़ी भूमिका सामने आई, जिनकी वजह से लगातार शत-प्रतिशत परिणाम का सिलसिला कायम है। चित्रकूट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि परंपरा और प्रतिभा जब साथ चलें, तो इतिहास बनता है।
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