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Thursday, May 21, 2026

डैशबोर्ड की स्क्रीन पर घिर गए अफसर, मंत्री ने पूछा- विकास आखिर रुका कहां है?

समीक्षा बैठक बनी प्रशासनिक परीक्षा

अफसरों में मचा जवाबदेही का दबाव

सीएम डैशबोर्ड खुलते बढ़ी अफसरों की धड़कन

चित्रकूट, ,  सुखेन्द्र अग्रहरि -  कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को आयोजित सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह कई विभागों के लिए जवाबदेही की कसौटी बन गई। प्रभारी मंत्री एवं श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल “मन्नू कोरी” ने विकास योजनाओं की प्रगति, बिजली व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से सीधे सवाल किए। पीएम सूर्यधर योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने गांव और शहरों में नियमित कैंप आयोजित करने तथा जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ऊर्जा विभाग से ट्रांसफार्मरों की स्थिति और बिजली आपूर्ति का ब्यौरा लेते हुए मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों को सिंचाई और बिजली के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।

समीक्षा बैठक में मौजूद प्रभारी मंत्री व अधिकारीगण

बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, राशन वितरण, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा भी हुई। दिव्यांग और विधवा लाभार्थियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। पर्यटन विभाग द्वारा 28 में से 23 परियोजनाएं पूर्ण होने की जानकारी पर जनप्रतिनिधियों ने पूरी सूची उपलब्ध कराने को कहा। कानून व्यवस्था पर पुलिस अधीक्षक ने अपराधों में कमी का दावा किया, जबकि मंत्री ने स्कूलों के आसपास शराब दुकानों का सत्यापन कराने का निर्देश देकर सख्त संकेत दिए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने सभी निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू कराने का भरोसा दिलाया।




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बाल श्रम मुक्त चित्रकूट पर प्रशासन का फोकस

प्रभारी मंत्री मनोहर लाल “मन्नू कोरी” ने बैठक में बाल श्रम को समाज के लिए गंभीर अभिशाप बताते हुए दिसंबर 2026 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने दुकानदारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, फैक्ट्री संचालकों और अभिभावकों से अपील की कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराया जाए। मंत्री ने कहा कि बच्चों का स्थान स्कूल और खेल मैदान हैं, न कि दुकानों और कारखानों में। बाल श्रम कराने वालों पर छह माह से दो वर्ष तक की सजा और 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया। साथ ही जनता से 1098 और 1800-102-722 पर सूचना देने की अपील की गई।



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