बांदा, के एस दुबे । 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अन्र्तगत आज नगर पालिका परिषद, बांदा में टीबी जागुरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित नगर पालिका परिषद बांदा के अधिकारी, कर्मचारियों को टीबी के लक्षण जैसे 2 हफ्ते से खासी आना, मुंह से खून आना, बुखार आना, थकान होना, सीने में दर्द होना, सांस लेने में तकलीप होना, रात में पसीना आना, गर्दन में गिल्टीध्गांठ, बांझपन, आदि लक्षण के बारें में बताया गया। कि उच्च जोखिम वाली जनसंख्या जैसे कि 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, मधुमेह से पीडित व्यक्ति, एचआईवी से ग्रसित, लम्बी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को टीबी होने की सम्भावना अधिक रहती है ऐसे व्यक्तियों को सतर्क रहना है एवं समय से बलगम तथा एक्सरे की जांच कराना है। टीबी का इलाज छः माह तक दिया जाता है एवं
दवायें सम्बन्धित टीबी मरीज के निवास स्थान के पास डाट्स सेन्टर में उपलब्ध करायी जाती है। इसमें संदिग्ध टीबी मरीजों के बलगम की जांच नॉट मशीन द्वारा जनपद के चिकित्सा इकाई जिला क्षय रोग उन्मूलन केन्द्र बांदा, सीएचसी बबेरू, जसपुरा, अतर्रा, नरैनी, बहेरी, पीएचसी तिन्दवारी, कमासिन, बिसण्डा, कालिन्जर, में निशुल्क की जाती है एवं टीबी मरीज को निःक्षय पोषण योजना के अन्र्तगत रू0 1000 प्रति माह इलाज समाप्ति तक डीबीटी के माध्यम से मरीज के खाते में भेजे जाते है। टीबी का इलाज जनपद के समस्त सामुदायिक स्वा० केन्द्र ध् प्राथमिक स्वा० केन्द्र बांदा में निशुल्क दिया जाता है। साथ ही जनपद में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें 14 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को हैण्ड हेल्ड एक्सरे मशीन द्वारा एक्सरे तथा ब्लडप्रेसर, शुगर, बीएमआई एवं हीमोग्लोबिन की जांच भी करायी जा रही है। शिविर में देवेन्द्र कुमार, हेमन्त प्रसाद सफाई एवं खाद्य निरीक्षक तथा सफाई नायक, एस.एच.जी. (एस.डी. सेवा संस्थान की कार्यकत्री), गनेश प्रसाद (डीपीपीएमसी एन.टी.ई.पी.), आदि उपस्थित रहें।


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