डीएम की नई प्रशासनिक व्यवस्था ने पैदा की हलचल
फतेहपुर, मो शमशाद । जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अभिनव पहल जन-संवाद से समाधान ने प्रशासनिक व्यवस्था में नई हलचल पैदा कर दी है। अब फरियादियों को दफ्तर-दफ्तर भटकने के बजाए सीधे जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्या रखने का मौका मिल रहा है, जबकि अफसरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तत्काल जवाब देना पड़ रहा है। कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन के दौरान डीएम अपने सामने लैपटॉप रखकर तहसील, ब्लॉक और जनपद स्तरीय अधिकारियों को वीसी से जोड़ रही हैं। शिकायतकर्ता की मौजूदगी में ही संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए जा रहे हैं और मौके पर निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है। इस व्यवस्था से वर्षों से शिकायत लेकर भटक रहे लोगों में उम्मीद जगी है। डीएम की इस सख्त और पारदर्शी कार्यशैली से लापरवाह अधिकारियों में
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| पीड़ितों की समस्याएं सुनतीं डीएम निधि गुप्ता वत्स। |
भी खलबली मची हुई है। जन-संवाद से समाधान अभियान के तहत अब शिकायतों को सिर्फ कागजों में नहीं दबाया जा रहा, बल्कि तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करें। फरियादियों को अनावश्यक परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सबसे खास बात यह रही कि 22 अप्रैल को कार्यभार संभालने के बाद से अब तक कार्यालय दिवसों में कुल 1406 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 1244 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें राजस्व विभाग की शिकायतें सबसे ज्यादा रहीं, जिनमें अवैध कब्जा, पैमाइश, अतिक्रमण और चकरोड विवाद प्रमुख रहे। डीएम ने कहा कि जन-संवाद से समाधान केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे का पुल है। इस अभियान से न केवल समस्याओं के समाधान की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी मजबूत होगी। डीएम की यह पहल अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है और लोग इसे प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव मान रहे हैं।


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