पुलिस को दी आंदोलन की चेतावनी
जनसत्ता दल ने सौंपा ज्ञापन
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । सोशल मीडिया पर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कुंडा से सात बार विधायक रह चुके वरिष्ठ नेता रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी ने चित्रकूट की सियासत में अचानक उबाल ला दिया। जनसत्ता दल के कार्यकर्ताओं, क्षत्रिय समाज और समर्थकों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। बताया गया कि सोशल मीडिया पर लवकुश कुमार नामक व्यक्ति द्वारा राजा भैया के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे समर्थकों की भावनाएं आहत हुईं। जनसत्ता दल के जिलाध्यक्ष कुनाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंचे
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| राजा भैया पर सोशल मीडिया टिप्पणी से चित्रकूट में सियासी ज्वालामुखी, सड़कों पर उतरा आक्रोश |
कार्यकर्ताओं ने इसे केवल एक व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक अस्मिता पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया की आड़ में कुछ लोग जानबूझकर समाज में तनाव और वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जनसत्ता दल और समाज के लोग व्यापक आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक परिसर में देर तक राजनीतिक गर्मी बनी रही और समर्थकों के नारों से माहौल पूरी तरह गरमाया रहा। इस दौरान जनसत्ता दल के जिलाध्यक्ष कुनाल प्रताप सिंह, अरुण सिंह बघेल ‘मिंटू सिंह’, कुलदीप मिश्रा, नीलेश सोनू शुक्ला, केशव शुक्ला, अमित शुक्ला, शिवाकांत पांडे, सहित बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज एवं ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे।
कौन हैं राजा भैया, क्यों भड़का समर्थकों का गुस्सा?
रघुराज प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति का ऐसा नाम हैं, जिनकी पहचान केवल प्रतापगढ़ तक सीमित नहीं मानी जाती। कुंडा क्षेत्र से लगातार सात बार विधायक रहे राजा भैया का प्रभाव लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनका बड़ा समर्थक वर्ग माना जाता है। समर्थकों का कहना है कि हिंदुत्व, सनातन संस्कृति और क्षेत्रीय जनसरोकारों को लेकर उनकी मजबूत छवि है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर हुई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर समर्थकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और मामला सीधे राजनीतिक सम्मान से जोड़कर देखा जाने लगा।
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