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Sunday, May 10, 2026

डीएम ने रामघाट क्षेत्र का किया विस्तृत निरीक्षण, लापरवाही पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी

अधूरे कामों पर गरजे प्रशासनिक तेवर 

घटिया काम व देरी पर चेतावनी 

चित्रकूट, मो शमशाद । जिले के पावन रामघाट में शनिवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जिलाधिकारी ने पूरे क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कर विकास कार्यों की हकीकत परखी। आरती स्थल से लेकर घाटों की गलियों तक डीएम ने पैदल घूमकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांची और संबंधित एजेंसियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान मतगजेंद्रनाथ शिव मंदिर, पर्ण-कुटी मंदिर, भारत मंदिर, यज्ञवेदी मंदिर और तोता मुखी हनुमान मंदिर का भी अवलोकन किया गया, जहां उत्तर प्रदेश के पंजीकृत गाइड रामनारायण ने धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी। डीएम ने यूपीपीसीएल सहित

रामघाट पर निरीक्षण करते डीएम

संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द पूरे किए जाएं। मंदाकिनी नदी में बैराज खोलने हेतु पर्यटन विभाग को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए। वहीं बंधन योजना के अंतर्गत बन रहे यात्री प्रतीक्षालय का कार्य 30 मई तक पूरा न होने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी ने जिम्मेदारों में हड़कंप मचा दिया। आकांक्षी शौचालय में दुर्गंध मिलने पर नगर पालिका को फटकार लगाई गई, जबकि नाविकों को लाइफ जैकेट और नावों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि घाटों पर चल रहे सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे हों और उनकी ड्राइंग-डिजाइन भी प्रस्तुत की जाए।

रामघाट के सीवरेज प्लांट का निरीक्षण रामघाट स्थित सम्पवेल (सीवरेज) प्लांट में शुक्रवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिशासी अभियन्ता व अवर अभियन्ता के साथ औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने सीवरेज व्यवस्था की निगरानी को और कड़ा करने के

सीवेज का निरीक्षण करते डीएम 

निर्देश देते हुए आउटलेट पाइप पर मापक मीटर लगाने, प्लांट में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा। कर्मचारियों की ड्यूटी सत्यापन के लिए लॉगबुक रखने और अवर अभियन्ता द्वारा प्रतिदिन दो बार निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। ऑक्सीडेशन पाण्ड की सफाई और वहां कार्यरत कर्मचारियों की निगरानी पर भी जोर दिया गया। वहीं पाठा जलकल परिसर में पेयजल गुणवत्ता जांच हेतु प्रयोगशाला स्थापित करने के निर्देश देकर डीएम ने साफ संकेत दे दिए कि अब पानी और सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर प्रशासन की नजर बेहद सख्त रहने वाली है।

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