बांदा, के एस दुबे । शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र गौरव के अप्रतिम प्रतीक, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती आज जनपद में अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाई गई। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने शहर को केसरिया रंग और उत्साह से सराबोर कर दिया।कार्यक्रम का मुख्य केंद्र महाराणा प्रताप चौक (जेल रोड) रहा, जहाँ समाज के लोगों ने एकत्रित होकर मेवाड़ के श्हिन्दुआ सूर्यश् को कोटि-कोटि नमन किया। इस दौरान महाराणा प्रताप की वीरता को समर्पित इन पंक्तियों ने युवाओं में जोश भर दिया।द्वंद्व कहाँ तक पाला जाए, युद्ध कहाँ तक टाला जाए,तू भी है राणा का वंशज, फेंक जहाँ तक भाला जाए।जयंती के अवसर पर एक
विशाल बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के कोने-कोने से आए क्षत्रिय युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हवाओं में गूँजते श्जय भवानीश् और श्महाराणा प्रताप अमर रहेंश् के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्ति और शक्ति के संगम जैसा प्रतीत हो रहा था। रैली में शामिल युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। वक्ताओं ने कहा कि यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महाराणा प्रताप के स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के संकल्प को दोहराने का माध्यम है। महासभा के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप ने महलों का सुख त्याग कर घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन कभी विदेशी आक्रांताओं के सामने अपना सिर नहीं झुकाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए सर्वस्व अर्पण करना ही सबसे बड़ा धर्म है। इस गौरवशाली अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी, वरिष्ठ समाजसेवी और भारी संख्या में युवा शक्ति उपस्थित रही।


No comments:
Post a Comment