कानपुर, प्रदीप शर्मा - छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) का शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देने वाले प्रमुख संस्थानों में तेजी से उभर रहा है। विश्वविद्यालय में छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक खेल अवसंरचना, नियमित प्रशिक्षण प्रणाली के माध्यम से नया मंच प्रदान किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में विकसित खेल सुविधाएं किसी पेशेवर स्पोर्ट्स अकादमी से कम नहीं दिखाई देतीं। यह बातें शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार यादव ने कही। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, 50 मीटर स्विमिंग पूल, क्रिकेट ग्राउंड, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल कोर्ट, हैंडबॉल कोर्ट, बॉक्सिंग हॉल, मल्टीपर्पज हॉल, जिम्नेजियम और आर्चरी रेंज जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं का उपयोग न केवल विश्वविद्यालय कैंपस के छात्र करते हैं, बल्कि बाहरी खिलाड़ी भी नियमित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए यहां आते हैं। विश्वविद्यालय का खेल विभाग नियमित मॉर्निंग और इवनिंग ट्रेनिंग सिस्टम पर काम करता है। छात्रों को प्रशिक्षकों की देखरेख में तकनीकी प्रशिक्षण,
फिटनेस और प्रतियोगी तैयारी कराई जाती है। उन्होंने बताया कि खेल विभाग का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताओं में भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के लिए तैयार करना भी है। यही कारण है कि विश्वविद्यालय के छात्र खेलों में लगातार बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। खो-खो में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। टीम ने वर्ष 2025–26 की नॉर्थ ज़ोन खो-खो पुरुष चैंपियनशिप और अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय खो-खो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। इसके अलावा 2024–25 के नॉर्थ ज़ोन टूर्नामेंट में भी टीम ने पहला स्थान हासिल किया और अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया। फुटबॉल में भी विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने सेंट्रल ज़ोन फुटबॉल टूर्नामेंट 2024–25 में प्रथम स्थान प्राप्त कर ऑल इंडिया चैंपियनशिप के लिए जगह बनाई। वहीं क्रिकेट में विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों का चयन अंडर-19 भारतीय टीम, विजय ट्रॉफी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में हुआ है।एथलेटिक्स में विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने स्टीपलचेज़ और 3000 मीटर जैसे इवेंट्स में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। बॉक्सिंग में भी खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक तथा एआईयू मेडल हासिल किए हैं। ताइक्वांडो में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। विश्वविद्यालय में जूडो, कराटे, बैडमिंटन, शतरंज, टेनिस और आर्चरी जैसे खेलों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। शतरंज टीम ने नॉर्थ ज़ोन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया। विभाग का मल्टीपर्पज हॉल विभिन्न इंडोर गेम्स और मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। खेल विभाग का कहना है कि खिलाड़ियों को केवल खेल कौशल ही नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना की भी ट्रेनिंग दी जाती है। यही वजह है कि यहां के खिलाड़ी खेलों के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास में भी आगे रहते हैं। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक खेल अवसंरचना और नियमित प्रशिक्षण किसी भी खिलाड़ी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में देशभर के विश्वविद्यालयों में खेल सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे विश्वविद्यालय स्तर के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। सीएसजेएमयू का खेल विभाग “खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स” जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। विभाग का मानना है कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर खेल उत्कृष्टता का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।


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