बांदा, के एस दुबे । किशोरियों में आत्मरक्षा, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वनांगना संस्था द्वारा संचालित गुफ्तगू मंच के 15 दिवसीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। समापन समारोह में प्रतिभागियों ने आत्मरक्षा के विभिन्न कौशलों का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. सबीहा रहमानी ने किशोरियों को प्रमाण-पत्र वितरित करते हुए कहा कि आज की लड़कियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सजगता, आत्मविश्वास और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता सफलता की मजबूत नींव होती है। मंजू सोनी ने भी प्रतिभागियों को उपहार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन साफिया ने किया,
जबकि ज़ोया ने अतिथियों का स्वागत किया। संस्था की गतिविधियों की जानकारी देते हुए शोभा ने बताया कि वनांगना लगातार किशोरियों और महिलाओं को शिक्षा, अधिकार, नेतृत्व विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। फरजाना ने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लड़कियों में सुरक्षा की भावना के साथ-साथ निर्णय लेने का साहस भी विकसित करता है। शबीना मुमताज़ ने गुफ्तगू मंच की सदस्याओं द्वारा तैयार चार हस्तलिखित पत्रिकाओं की समीक्षा करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की और नियमित रूप से मंच की मासिक बैठकों में शामिल होने का आह्वान किया। प्रशिक्षक जान मोहम्मद ने बताया कि शिविर के दौरान प्रतिभागियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
समापन समारोह में अलीज़ा, मनतशा, अन्नपूर्णा, शिफा और यास्मीन ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर प्रस्तुति देते हुए आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन किया। वहीं खुर्शीद, रिया, ज़ोया, जीनत, हबीबा और माया ने गीत, नात, कविता एवं नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम के अंत में फरहा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने इस पहल को किशोरियों के व्यक्तित्व विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पुष्पा शर्मा, श्यामकली, सुषमा, राधेश्याम एवं शिवशंकर का विशेष सहयोग रहा।


No comments:
Post a Comment