युवराज अंबेडकर एजुकेशनल ट्रस्ट और स्वास्थ्य विभाग की सराहनीय पहल
बांदा, के एस दुबे । जनहित और सामाजिक सेवा के कार्यों में अग्रणी ‘युवराज अंबेडकर एजुकेशनल ट्रस्ट’ के सहयोग से वार्ड नंबर-4, कैलाशपुरी में आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड कैंप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग बांदा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में लगे इस कैंप का नेतृत्व ट्रस्ट के मुख्य समन्वयक अंकित अंबेडकर ने किया। कैंप का आयोजन कैलाशपुरी स्थित अंबेडकर मूर्ति के पास, युवराज कोचिंग सेंटर (वाल्मीकि बस्ती) में किया गया। कैंप की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में वार्ड के स्थानीय निवासी अपने जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचे। इस दौरान सैकड़ों पात्रों ने अपने आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाए और योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सीएमओ कार्यालय के वरुण श्रीवास्तव और मोहम्मद जीशान का विशेष सहयोग रहा। वहीं, स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए कैलाशपुरी की आशा कार्यकर्ता नेहा सोनी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अर्चना ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने घर-घर जाकर पात्र परिवारों को जागरूक किया और उन्हें कैंप तक लेकर आईं। इसके साथ ही युवराज अंबेडकर एजुकेशनल ट्रस्ट के सहयोगी सदस्य नंदू श्रीवास, दीपक सेन, अनमोल लखेरा और रिंकू मोगरे ने सक्रिय रहकर दस्तावेज जांच (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) से लेकर कार्ड वितरण तक की सभी व्यवस्थाएं संभालीं।
इस अवसर पर मुख्य समन्वयक अंकित अंबेडकर ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य वार्ड-4 कैलाशपुरी के प्रत्येक पात्र नागरिक तक आयुष्मान भारत योजना समेत सभी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जानकारी के अभाव में कोई भी व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे। आगे भी इस तरह के कैंप लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि गरीबों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके।” कैंप में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को बताया गया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड के जरिए सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार सालाना घ्5 लाख तक का मुफ्त इलाज कराया जा सकता है। यह कार्ड गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों के इलाज में संजीवनी साबित हो रहा है।


No comments:
Post a Comment