नियमों का उल्लंघन करने पर होगी जेल
बांदा, के एस दुबे । जनपद में जलीय जीवों के संरक्षण, अवैध शिकार को रोकने और मछलियों के सुचारू प्रजनन को सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट अमित आसेरी ने एक बड़ा और कड़ा आदेश जारी किया है। उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम 1948 की धारा 3 के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उन्होंने तत्काल प्रभाव से जनपद की सभी नदियों, तालाबों और जलाशयों में मछली पकड़ने और उनके व्यापार को लेकर सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। शासनादेश के नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जनपद बांदा की सीमा के
भीतर आने वाले सभी जलखंडों पर निम्नलिखित नियम लागू होंगे। 01 जून से 31 अगस्त 2026 तक मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 01 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। 15 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक 2 से 10 इंच आकार के मत्स्य जीरा या अंगुलिका को न तो पकड़ा जाएगा और न ही बाजार में बेचा जाएगा। 01 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक प्रजननशील मछलियों को पकड़ने, मारने या बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा ।
कोई भी व्यक्ति नदियों या जलाशयों में विस्फोटक पदार्थ कृषि रक्षा में इस्तेमाल होने वाले विषैले रसायनों3 या व्यापारिक जहर का प्रयोग कर मछली नहीं मारेगा। ऐसा करना या करने का प्रयास करना पूरी तरह गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति मछलियों को पकड़ने या नष्ट करने के उद्देश्य से नदियों या जलधाराओं के प्राकृतिक बहाव को रोकने के लिए कोई अवरोध नहीं लगाएगा। यदि कोई ऐसा करते हुए पाया जाता है, तो उसकी अवरोधक सामग्रियां, जाल और पकड़ी गई मछलियां जीरा मौके पर ही जब्त कर ली जाएंगी।प्रशासन ने जनपद के सभी मछुआरों, व्यापारियों और आम नागरिकों से इस सरकारी आदेश का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। मत्स्य विभाग और स्थानीय पुलिस को इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी रखने और तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


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