बांदा, के एस दुबे । शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिंदवारा में पिछले 3 महीनों से लगातार जारी बिजली कटौती और ध्वस्त विद्युत आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण गर्मी और उमस से बेहाल सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द बिजली बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि तिंदवारा गांव में पिछले 3 महीने से बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है। अघोषित कटौती और ट्रिपिंग के कारण ग्रामीण इस भीषण गर्मी में दाने-दाने और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। पूरी विद्युत व्यवस्था वेंटिलेटर पर आ चुकी है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का जीना मुहाल हो गया है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर और सब-डिवीजनल ऑफिसर को इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है। ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। आरोप है कि इतनी बड़ी समस्या होने के बाद भी आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने गांव का भौतिक निरीक्षण करना उचित नहीं समझा। अधिकारियों की इसी संवेदनहीनता और लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने आए तिंदवारा के ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है। यदि तिंदवारा ग्राम पंचायत की विद्युत आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से सुचारू रूप से बहाल नहीं किया गया और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी।


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