1 जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण और 11 जुलाई से शुरू होगा दस्तक अभियान
महामारी रोकने के लिए 13 विभाग मिलकर करेंगे काम, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
बांदा, के एस दुबे । जनपद में मौसमी बीमारियों और महामारियों के प्रसार को रोकने के लिए सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की प्रथम जनपद स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की महामारी का संचरण न हो, इसके लिए सभी 13 संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में आगामी 01 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपनी कार्ययोजना निर्धारित समय से पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, अध्यापक, आंगनबाड़ी, आशा और सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स का शत-प्रतिशत प्रशिक्षण कराया जाए। इस प्रशिक्षण की सूचना फोटोग्राफ और उपस्थिति के साथ उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को साफ-सफाई और संचारी रोगों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिता के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी।
गांवों में नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव, जलभराव का निस्तारण और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी समस्त एडीओ (पंचायत) को दी गई है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पोस्टर-पैम्पलेट बांटेंगी। जिन घरों में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं, वहां संचारी रोगों से बचाव के स्टीकर लगाए जाएंगे। घर-घर भ्रमण कर बुखार, खांसी-जुकाम और क्षय रोग के लक्षण वाले मरीजों की सूची बनाकर यूडीएसपी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। मरीजों को ओआरएस और जिंक टैबलेट दी जाएगी। नगर विकास विभागरू शहरी क्षेत्रों में रोजाना सफाई, कूड़ा निस्तारण, नालियों की सफाई, फॉगिंग और लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया जाएगा।
कृषि एवं पशुपालन विभागरू गांवों में सुअर पालकों को संचारी रोगों के प्रति संवेदित किया जाएगा। साथ ही, चूहे और छछूंदर से फैलने वाले स्क्रब टाइफस रोग के प्रति जनसमुदाय को जागरूक किया जाएगा। अभियान की कड़ाई से निगरानी (मॉनिटरिंग) करने के लिए जनपद स्तर से समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और मलेरिया/फाइलेरिया निरीक्षकों को पर्यवेक्षण कार्य हेतु नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेन्द्र सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती पूजा अहिरवार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार प्रदीप कुमार, सहायक मलेरिया अधिकारी विजय बहादुर के साथ-साथ एसएमओ, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, नगर विकास, पशुपालन, कृषि, जल संस्थान के विभागाध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी और चिकित्सा प्रभारी उपस्थित रहे।


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