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Monday, June 22, 2026

यादे हुसैन में अंजुमन कमेटी ने राहगीरों को पिलाया शरबत

इजूरा मोड़ पर करबला के शहीदों की याद में लगाई गई सबील 

बड़ी संख्या में लोगों ने ग्रहण किया शरबत

फतेहपुर, मो शमशाद । मुहर्रम के पवित्र महीने में करबला के शहीदों की याद को ताज़ा करते हुए अंजुमन कमेटी सुल्तानपुर घोष द्वारा इजूरा मोड़ पर शरबत वितरण (सबील) का आयोजन किया गया। इस दौरान राहगीरों, यात्रियों और क्षेत्रीय लोगों को शीतल शरबत पिलाकर हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों की कुर्बानियों को याद किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सबील से शरबत ग्रहण किया। अंजुमन कमेटी के सदस्यों ने बताया कि मुहर्रम केवल मातम और ग़म का महीना ही नहीं, बल्कि इंसानियत, सत्य, न्याय और बलिदान की महान सीख देने वाला अवसर भी है। करबला की धरती पर हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति देकर पूरी मानवता को सत्य के मार्ग पर चलने

राजवीर को शरबत पिलाते कमेटी के लोग

का संदेश दिया था। उन्हीं की याद में हर वर्ष सबील लगाकर लोगों को शरबत पिलाया जाता है। इजूरा मोड़ पर आयोजित इस सबील में आने-जाने वाले राहगीरों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और उन्हें शरबत वितरित किया गया। कमेटी के सदस्यों ने स्वयं खड़े होकर लोगों को शरबत पिलाया। इस दौरान क्षेत्र में भाईचारे, सौहार्द और सेवा भावना का सुंदर वातावरण देखने को मिला। लोगों ने भी इस नेक कार्य की सराहना करते हुए अंजुमन कमेटी के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि करबला की कुर्बानी आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुहर्रम के दिनों में आयोजित होने वाली सबीलें और अन्य धार्मिक गतिविधियां समाज में प्रेम, सद्भाव और मानव सेवा का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भी करबला के इतिहास और उसके महान संदेश से परिचित कराने का माध्यम बनते हैं। इस अवसर पर मोहम्मद जफर, शीबू खान, फिरोज़ खान, सरफराज आलम, मोहम्मद जुबैर, तंजील, मुजनबीन, साजिद, तन्नू, सुहैल, अरमान, रेहान, अमान, समीर, शाकिब, फैज़, आरिफ, शाहनवाज, दानिश, डॉ राहुल चैधरी, नईम उद्दीन, राव साहब सहित अंजुमन कमेटी सुल्तानपुर घोष के अनेक सदस्य तथा क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया और उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।


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