फर्जी बैनामों से भूमि हड़पने का आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल
महावीर विराजमान मंदिर ट्रस्ट की भूमि विवाद में नए आरोप
न्यायालय आदेशों की अनदेखी कर कराया गया बैनामा?
बांदा, के एस दुबे । महावीर विराजमान मंदिर ट्रस्ट डिलहागंज़ की बेशकीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। ट्रस्ट के प्रधान ट्रस्टी विमल तिवारी ने भूमाफियाओं पर ट्रस्ट की जमीन पर कब्जा करने तथा स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से फर्जी बैनामे कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रधान ट्रस्टी विमल तिवारी का कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय के आदेश भी मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि का बैनामा कराया गया। उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करते हुए भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। विमल तिवारी ने दावा किया कि कब्जे में शामिल बताए जा रहे लोग अत्यंत प्रभावशाली और ऊंची पहुंच वाले हैं, जिसके कारण प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित
कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रधान ट्रस्टी ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, कथित फर्जी बैनामों की जांच करवाने तथा मंदिर ट्रस्ट की भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर भूमि से जुड़े प्रकरणों में नियमों की अनदेखी की गई है, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो गई है। उधर, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है और लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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