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Thursday, June 11, 2026

दहेज की बलि चढ़ी महिला को मिला इंसाफ, दो दोषियों को उम्रकैद

चार साल बाद अदालत ने सुनाया फैसला, एक लाख रुपये का जुर्माना

फतेहपुर, मो शमशाद । दहेज के लिए एक विवाहिता की हत्या करने वाले दो दोषियों को आखिरकार कानून ने उनके अंजाम तक पहुंचा दिया। पुलिस की सशक्त विवेचना, सटीक साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने दहेज हत्या के मामले में पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए कुल एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला थाना जाफरगंज क्षेत्र के ग्राम शिवपुरी का है, जहां वर्ष 2021 में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर थाना जाफरगंज में मुकदमा अपराध संख्या 48/2021 के तहत दहेज उत्पीड़न, दहेज हत्या एवं हत्या जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर बृजेश निषाद पुत्र बाबूराम तथा शिवकली पत्नी बाबूराम को आरोपी बनाया गया। पुलिस महानिदेशक के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के नेतृत्व

 दहेज की बलि चढ़ी महिला को मिला इंसाफ, दो दोषियों को उम्रकैद

में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत इस प्रकरण की लगातार निगरानी की गई। मॉनिटरिंग सेल, स्थानीय पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामले की मजबूती से पैरवी की। वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष न्यायालय में आरोप सिद्ध करने में सफल रहा। गुरुवार को एएसजे/एफटीसी कोर्ट संख्या-02 ने सुनवाई पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को धारा 498ए, 304बी, 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम तथा वैकल्पिक धारा 302/34 आईपीसी में दोषी ठहराया। न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पुलिस विभाग ने इस फैसले को महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस सफलता में मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अश्विनी वर्मा, कांस्टेबल रोहित राजावत, जितेंद्र सिंह, विवेक कुमार, विवेचक दिनेशचंद्र मिश्र, पैरोकार सुमित कुमार, कोर्ट मुहर्रिर प्रमोद कुमार मिश्र तथा एडीजीसी अजय कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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