व्यापारियों की समस्या को लेकर मंडी सचिव को सौंपा ज्ञापन
खागा, फतेहपुर, मो शमशाद । कृषि उत्पादन मंडी समिति खागा-किशनपुर से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (मिश्र गुट) ने व्यापारियों की आवाज बुलंद की है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मंडी सचिव के माध्यम से मंडी परिषद के महानिदेशक को ज्ञापन भेजकर व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद मिश्र के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मंडी सचिव सतीश चंद्र तिवारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मंडी समिति द्वारा दुकानों के किराए में प्रतिवर्ष छह प्रतिशत की वृद्धि किए जाने से व्यापारियों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। संगठन ने इस व्यवस्था को समाप्त कर पूर्व निर्धारित किराया प्रणाली बहाल किए जाने की मांग की। ज्ञापन में वर्ष 2010 में जारी शासनादेश का हवाला
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| मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपते व्यापार मंडल के पदाधिकारी |
देते हुए कहा गया कि शासन द्वारा निर्धारित कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का अब तक पूर्ण रूप से अनुपालन नहीं कराया गया है, जिसके चलते व्यापारियों को अनेक प्रशासनिक एवं व्यावसायिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार मंडल ने शासनादेश के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग करते हुए व्यापारिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। व्यापारियों ने मंडी के ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि पोर्टल पर आवश्यक सूचनाएं समय से उपलब्ध नहीं होतीं, जिससे कारोबार प्रभावित होता है। लेन-देन, अभिलेखों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के अद्यतन न होने से व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में नई मंडी व्यवस्था को लेकर व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने, दुकानों के किराए में छह प्रतिशत वार्षिक वृद्धि समाप्त करने, वर्ष 2010 के शासनादेश का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की गई है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद मिश्र, जिला महामंत्री दयाशंकर गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष कुंवरे सिंह, जिला चेयरमैन विनता प्रसाद अग्रहरि, प्रांतीय मंत्री प्रकाश पाण्डेय समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि यदि व्यापारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन की रणनीति पर भी विचार करेगा।


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