बांदा, के एस दुबे । बुंदेलखंड का बांदा जनपद जून के आखिरी सप्ताह में भी भीषण गर्मी और उमस की चपेट में है। गुरुवार को भी लोग तेज धूप और चिपचिपाती गर्मी से बेहाल नजर आए। हालांकि, बुधवार की तुलना में अधिकतम तापमान में एक डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 42 डिग्री सेल्सियस पर रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री की बड़ी गिरावट होने के कारण हवा में नमी बढ़ गई, जिससे उमस ने लोगों को खासा परेशान किया। सुबह नौ बजे से ही सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर होते-होते तपन इस कदर बढ़ी कि लोग धूप से बचने के लिए चेहरे को कपड़ों से ढककर और छाते का सहारा लेकर निकलते दिखाई दिए। भीषण गर्मी का असर शहर के व्यापार पर भी देखा गया, जिसके चलते प्रमुख बाजारों में
दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक सन्नाटा पसरा रहा।नरैनी क्षेत्र में बुधवार व गुरूवार की रात हुई हल्की बूंदाबांदी से लोगों को उम्मीद थी कि तापमान गिरेगा और मौसम सुहाना होगा, लेकिन इसके उलट गुरुवार को दिनभर उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। दिनभर करीब चार किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से हवा चली, जिसके कारण वातावरण में नमी का प्रतिशत बढ़कर 38 फीसदी पर पहुंच गया। यही कारण रहा कि तापमान गिरने के बावजूद उमस के चलते लोगों के पसीने छूटते रहे। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा ने बताया कि जून का चैथा सप्ताह भी इसी तरह की भीषण गर्मी और उमस के बीच बीतेगा। फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव या भारी बारिश के संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे लोगों को अभी कुछ दिन और ऐसी ही तपन झेलनी पड़ सकती है।


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