खनिज अधिकारी के संरक्षण से जिले में जमकर अवैध खनन
उमेश गुप्ता के द्वारा कराया जाता है भारी पोकलेन मशीनों से और लिफ्टर मशीन से अवैध खनन
चार दिन पहले ही खदान में बिना रॉयल्टी को लेकर मारपीट भी हुई थी जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ था
बांदा, के एस दुबे । जिले में बालू माफियाओ के हौसले कुछ इस कदर बुलंद है कि जनता के विरोध और डीएम की सख्त चेतावनी के बावजूद प्रतिबंधित लिफ्टर मशीन से अवैध खनन किया जा रहा है और नदी की जलधारा में पोकलैंड मशीन से खनन कर जलीय जीवों की हत्या की जा रही है और पर्यावरण दूषित किया जा रहा है। विश्व में सबसे गर्म इलाके में शुमार बांदा जिला जिसने विश्व में गर्मी के मामले में तीसरा स्थान हासिल किया और बांदा वासियों को अब तक झुलसा कर रखा है गर्मी सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके बाद से बांदा की जनता अवैध खनन और पेड़ कटान से खासी नाराज है और इस पर रोक लगाने के लिए डीएम सहित मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्र पहुंचाए हैं। जिसके बाद बांदा डीएम ने नदी में जलीय जीवों के शिकार पर रोक लगा दी है और अवैध खनन पर सख्ती बरती है ।
इसके बावजूद श्याेढा बहादुरपुर बालू खदान में सभी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बदस्तूर अवैध खनन किया जा रहा है प्रतिबंधित लिफ्टर मशीन लगाकर का केन नदी का सीना छलनी कर रहे हैं जिससे केन का पानी गहराई में समाता जा रहा है इतना ही नहीं पोकलैंड मशीन से नदी की जलधारा में खनन किया जा रहा है जिसके चलते मशीन के भारी भरकम बकेट से जलीय जीवों की निर्मम हत्या की जा रही है जिससे नदी का पानी दूषित हो रहा है और नदी सूखती जा रही है।
आपको बताते चलें कि बीते दिनों भी इस खदान में प्रतिबंधित लिफ्टर मशीन खनिज अधिकारी ने पकड़ी पर चेतावनी रूप में कार्रवाई कर छोड़ दिया था जिसका यह नतीजा निकला कि खदान संचालक उमेश गुप्ता के हौसले और बुलंद हो गए और मनमाने ढंग से अवैध खनन शुरू कर दिया। अभी चार दिन पहले ही खदान में अवैध रॉयल्टी को लेकर विवाद भी हुआ था जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ था, इस पूरे मामले में जब खनिज अधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा अबकी इसी कार्रवाई की जाएगी कि दुबारा अवैध खनन करने की हिम्मत नहीं करेंगे खदान संचालक जरूरत पड़ी तो मुकदमा लिखाया जाएगा और फार्म भी ब्लैक लिस्टेड कर दी जाएगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि खनिज अधिकारी अपने बयान पर कितने खरे उतरते हैं।


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