डीएम ने ऋण वितरण में तेजी लाने और एनपीए कम करने के दिए निर्देश
बांदा, के एस दुबे । कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जनपद स्तरीय समीक्षा समिति तथा जनपद स्तरीय सलाहकार समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अमित आसेरी द्वारा की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय, नाबार्ड व भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधियों सहित जनपद के सभी बैंकों के जिला समन्वयक और संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकारी योजनाओं के तहत हासिल की गई उपलब्धियों की समीक्षा की गई और वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के लिए बैंकों को कड़े निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने सरकारी योजनाओं के तहत लंबित पड़े आवेदनों को जल्द से जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन भी योजनाओं के ऋण पूर्व में स्वीकृत हो चुके हैं, बैंक उनका वितरण एक सप्ताह के अंदर हर हाल में सुनिश्चित करें। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराने और बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो में वृद्धि करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान विभिन्न सरकारी और प्राथमिकता क्षेत्र की ऋण योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्वरोजगार योजनाओं एवं समाज के कमजोर वर्गों को ऋण वितरण पर बल दिया। समीक्षा के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित योजनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान एवं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना,पीएम स्वनिधि योजना ,किसान क्रेडिट कार्ड फसली ऋण, पशुपालन एवं मत्स्य पालन,स्वयं सहायता समूह को सीसीएल एवं उनके बचत खाते खोलना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना ।जिले में बैंकिंग सेक्टर की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने बैंकों में लगातार बढ़ रहे गैर-निष्पादित आस्तियों यानी डूबे हुए ऋण को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक की शुरुआत में अग्रणी जिला प्रबंधक संगम लाल मिश्रा ने जनपद में बैंकिंग सेक्टर की उपलब्धियों, विभिन्न जनहितैषी योजनाओं की वर्तमान स्थिति और आगामी लक्ष्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण सदन के समक्ष रखा।


No comments:
Post a Comment