आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सै0 नाजिश रजा ने की पैरवी
फतेहपुर, मो शमशाद । बलात्कार एवं जान से मारने की धमकी व प्रयास करने के एक मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश ने साक्ष्यों के अभाव में सभी चार आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया। आरोपियों की ओर से सै0 नाजिश रजा एडवोकेट ने जोरदार पैरवी की। मुकदमे की वादी पीड़िता के अनुसार सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के गौस उद्दीन पुत्र गरीब उद्दीन के साथ पीड़िता/वादी की वर्ष 2021 में शादी तय हुई थी। शादी तय होने के बाद गौस उद्दीन पीड़िता को शहर स्थित एक होटल लाया और शादी का झांसा देकर बलात्कार किया। इतना ही नहीं धमकी दिया कि किसी को बताया तो शादी नहीं करेगा। इस तरह आरोपी गौस उद्दीन उसके साथ बलात्कार करता रहा। बाद में शादी से मुकर गया और दस लाख रूपए की डिपांड करने लगा। पीड़िता ने आरोपियों की
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| वरिष्ठ अधिवक्ता सै0 नाजिश रजा। |
रिश्तेदार होना भी स्वीकार किया। बताया कि 25 दिसंबर 2022 को जब वह आरोपी के घर शादी की बात करने गई तो गौस उद्दीन ने बिना रूपए लिए शादी से इंकार कर दिया। उलाहना देने पर जान से मारने का प्रयास किया। किसी तरह वह बचकर थाना कोतवाली पहुंची और मुकदमा पंजीकृत कराया। आरोपियों की ओर से उनके वरिष्ठ अधिवक्ता सै0 नाजिश रजा ने न्यायालय में पक्ष रखते हुए तर्क रखे और साबित करने में सफल रहे कि वादिनी ने अपनी सहमति से गौस के साथ संबंध बनाए और बिगाड़ होने पर ये फर्जी मुकदमा कायम कराया है। गौस पूर्व से शादीशुदा है। ये तथ्य भी अधिवक्ता ने साबित किया। अधिवक्ता की दलीलों को पर्याप्त मानते हुए अपर जिला जज/एफ0टी0सी0 कोर्ट नं. (2) अजय सिंह प्रथम ने सभी चारों अभियुक्तों को बाइज्जत बरी कर दिया। गौस उद्दीन व उसके परिवार ने इसे सत्य की जीत बताया और कहा कि उन्हें कानून व ईश्वर पर पूरा विश्वास था कि उन्हें न्याय मिलेगा।


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