कानपुर, प्रदीप शर्मा - राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग), कानपुर नगर इकाई ने टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग को लेकर अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद देवेंद्र सिंह भोले को ज्ञापन सौंपा। जिसमें महासंघ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय के बाद टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों में अपने भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त है। संगठन का मानना है कि बाद में निर्धारित पात्रता मानकों को पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्याय, समानता एवं विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
महासंघ ने सांसद से इस विषय को भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष उठाएं तथा संसद में भी टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदोन्नति एवं अन्य वैधानिक लाभों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की बात कही। ज्ञापन देने में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष चन्द्र दीप सिंह यादव, डॉ शैलेंद्र द्विवेदी, डॉ राहुल मिश्रा, उमेश सिंह, डॉ पवन मिश्रा, रचना अवस्थी, धीरेंद्र सिंह, स्वतंत्र शर्मा, संगम साहू, आशुतोष निगम, राकेश पाल, रजनीश कुमार, दीपक वर्मा, आदित्य द्विवेदी, साकेत सिंह, कौशल किशोर, अंबरीश शुक्ला, अल्का गौड़ा, अनुपम त्रिवेदी, अनिल राय, अखिलेश शाहू, विवेक कटियार समेत दर्जनों शिक्षक मौजूद रहे।


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