प्रसव के नाम पर रुपए लेने का आरोप, इलाज में लापरवाही का भी दावा
एएनएम व निजी दाई के खिलाफ थाने में तहरीर, सीएमओ ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
असोथर, फतेहपुर, मो शमशाद । सरांय खालिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद एक नवजात की मौत से अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया। मृतक नवजात के परिजनों ने अस्पताल की एएनएम और एक निजी दाई पर प्रसव के नाम पर रुपये लेने, इलाज में लापरवाही बरतने तथा गंभीर हालत होने के बावजूद समय पर जिला अस्पताल रेफर न करने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी से की गई है, जबकि दोनों के खिलाफ थाने में लिखित तहरीर भी दी गई है।
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| रूपए लेते कैमरे में कैद स्टाफ नर्स। |
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत असोथर के प्रतापनगर झाल निवासी अर्पित अपनी 25 वर्षीय पत्नी संयोगिता को रविवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर सरांय खालिस सीएचसी लेकर पहुंचे थे। दोपहर करीब दो बजे अस्पताल में प्रसव कराया गया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के कुछ देर बाद नवजात की तबियत बिगड़ने लगी, लेकिन अस्पताल में समय रहते आवश्यक उपचार नहीं दिया गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां शाम करीब चार बजे चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। मृतक नवजात के पिता अर्पित का आरोप है कि अस्पताल की एएनएम मोनिका सिंह ने प्रसव कराने के नाम पर 2100 रुपये तथा एक निजी दाई ने 1100 रुपये की मांग की। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण पूरी रकम तत्काल न दे पाने पर इलाज में लापरवाही बरती गई। परिजनों का यह भी दावा है कि रुपये लेने का वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसकी जानकारी उन्होंने सीएमओ को दे दी है। वहीं एएनएम मोनिका सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि प्रसव सामान्य रूप से कराया गया था। नवजात की हालत बिगड़ते ही उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उन्होंने रुपये मांगने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि परिजनों ने खुशी में स्वेच्छा से कुछ रुपये दिए थे। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने सीएचसी में स्थायी महिला चिकित्सक की तैनाती की मांग उठाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही, अनियमितता या अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।


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