68 करोड़ के फर्जी जीएसटी कारोबार का खुलासा, तीन गिरफ्तार - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Monday, August 31, 2026

68 करोड़ के फर्जी जीएसटी कारोबार का खुलासा, तीन गिरफ्तार

जरूरतमंदों के दस्तावेज जुटाकर खोली जाती थीं शेल फर्में

मुख्य सरगना की तलाश में साक्ष्य जुटा रही पुलिस

फतेहपुर, मो शमशाद । करीब 68 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी लेन-देन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि जरूरतमंद और किराये के मकानों में रहने वाले लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते, हस्ताक्षरित चेक और सिम कार्ड हासिल किए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे फर्जी फर्में और बैंक खाते खोलकर जीएसटी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) फ्रॉड का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

पत्रकारों से बातचीत करते एएसपी ज्ञान प्रकाश राय व पीछे खड़े फर्जी कारोबारी।

मामले में जीएसटी विभाग में उपायुक्त कर के पद पर कार्यरत शैवालिनी सिंह की तहरीर पर थाना बिंदकी में मु0अ0सं0 111/2026, धारा 318(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। राज्य कर विभाग की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में त्ै ज्तंकमते नामक फर्म के करीब 68 करोड़ रुपये के लेन-देन में फर्जी जीएसटी और ई-वे बिल तैयार करने तथा फर्म के भौतिक रूप से अस्तित्व में न होने का मामला सामने आया था। विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक व अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अरविंद श्रीवास्तव निवासी उन्नाव, विवेक शुक्ला उर्फ संजय शुक्ला निवासी कानपुर नगर तथा दीपू गुप्ता उर्फ संजीव कुमार गुप्ता निवासी कानपुर नगर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार सामने आया कि विवेक उर्फ संजय शुक्ला और दीपू गुप्ता उर्फ संजीव गुप्ता जरूरतमंद लोगों को मासिक कमीशन देने का झांसा देकर उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल करते थे। इसके बाद आधार और पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जेएसआर सेल्स सहित अन्य नामों से फर्जी अथवा शेल फर्में और बैंक खाते खोले जाते थे। इन फर्जी फर्मों और बैंक खातों का वास्तविक संचालन संजय अग्रवाल उर्फ संजय लाला द्वारा किया जाता था। इनका इस्तेमाल फर्जी जीएसटी बिलिंग और आईटीसी फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। अवैध गतिविधि से मिलने वाली कमीशन की रकम संजय अग्रवाल से प्राप्त कर दीपू गुप्ता, विवेक शुक्ला और अरविंद श्रीवास्तव के बीच बांटी जाती थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के कथित मुख्य सरगना संजय अग्रवाल उर्फ संजय लाला से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। साथ ही फर्जी फर्मों, बैंक खातों और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी संकलित की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय ने पुलिस लाइन स्थित सम्मेलन कक्ष में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages