सद्भावना विकास मँच के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से भेजा ज्ञापन
बाँदा, के एस दुबे । सद्भावना विकास मंच बांदा के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता "राजा"के नेतृत्व में सभी पदाधिकारी द्वारा एक ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से दिया गया, जिसमें समूचे उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा पावर कॉर्पोरेशन ने राज्य के लगभग 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड बिना उनकी अनुमति के स्वतः (Auto) बढ़ा दिया है. विभाग ने तर्क दिय कि ये उपभोक्ता अपने तय लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल कर रहे थे,लेकिन इस मनमाने तरीके से लोड बढ़ने से उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज और बिल बढ़ गया है,विवाद और उपभोक्ताओं की आपत्तियों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
सब्सिडी पर असर: लोड बढ़ने के कारण लगभग 25% गरीब उपभोक्ताओं की बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी की सुविधा समाप्त हो गई है,बिना पूर्व सूचना के किसी भी उपभोक्ता का लोड नहीं बढ़ाया जा सकता,(विद्युत आपूर्ति संहिता 2005) के तहत उपभोक्ता को लोड बढ़ानेपहले नोटिस देना अनिवार्य था,लेकिन विभाग सीधे बिलिंग सॉफ्टवेयर से लोड अपडेट कर दिया,और सभी प्रकार के फाल्टों को दुरुस्त करते हुए आम जन मानस को चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराया जाना न्याय संगत है,
आम जनमानस की मूलभूत आवश्यकताओं को देखते हुए बढ़iया गया बिजली का लोड निरस्त किया जाना और समुचित बिजली उपलब्ध कराना न्याय हित में बहुत जरूरी है! ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रमुख महासचिव कुदरत उल्ला खान, महिला मोर्चा अध्यक्ष सीमा खान, कोषाध्यक्ष वृंदावन वैश्य, राम लाल प्रजापति, उपाध्यक्ष साजिद डॉलर, यशवंत यादव, आर के समुद्र, नेतराम वर्मा, गुलशन सोनी, शोएब आलम, अमित नामदेव, रहीस खान, शुभम धुरिया, रोहित प्रजापति, इरफान खान, मोहित, सत्येंद्र वर्मा, अरविंद खटीक, नीरज आदि दर्जनों पदाधिकारी उपस्थिति रहे,।


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