बबेरू/बाँदा, के एस दुबे । बबेरू कस्बे में स्वास्थ्य विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक निजी अस्पताल पर छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। बांदा रोड स्थित एस हॉस्पिटल में सीएचसी अधीक्षक और नायब तहसीलदार के अचानक पहुंचते ही अस्पताल संचालक और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं और मरीज भर्ती पाए गए। बबेरू कस्बे के बांदा रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास शनिवार को सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर ऋषिकेश पटेल और नायब तहसीलदार मनोहर सिंह ने 'एस हॉस्पिटल' का औचक निरीक्षण किया। टीम जब अस्पताल के अंदर पहुंची, तो वहां का नजारा देख अधिकारियों के
भी होश उड़ गए। अस्पताल के अंदर बिना मानक और संदिग्ध परिस्थितियों में एक नवविवाहिता महिला की डीएनसी यानी सफाई का काम किया जा रहा था। इसके अलावा अस्पताल में 4 अन्य मरीज भी भर्ती पाए गए, जिनका इलाज चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और पीड़िता को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबेरू में भर्ती कराया, जहां फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।
डॉ. ऋषिकेश पटेल (सीएचसी अधीक्षक, बबेरू ने बताया कि "जिलाधिकारी महोदय के निर्देशों के क्रम में एस हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान मौके पर मरीज भर्ती पाए गए हैं, जिनमें से एक मरीज की डीएनसी और सफाई का मामला सामने आया है, जिसकी जांच कराई जा रही है। साथ ही मौके पर कुछ आशा बहुएं भी पाई गई हैं, जिनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान निजी अस्पतालों और आशा बहुओं के बीच फल-फूल रहे अवैध नेटवर्क का भी भंडाफोड़ हुआ है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को दरकिनार कर मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने वाली आशा बहुओं पर अब गाज गिरना तय माना जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक ने साफ कर दिया है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले ऐसे फर्जी हॉस्पिटलों और दलाली में शामिल कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।


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