चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : कामदगिरि परिक्रमा मार्ग स्थित भागवत पीठ में चल हरी श्री शिव महापुराण कथा के छठे दिन वृंदावन धाम से पधारे कथा व्यास सुमेधानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव के आदर्शों का अनुसरण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सत्य में संत का निवास होता है, चित्त में भगवान विराजते हैं और आनंद में शिवपुराण का सच्चा श्रोता बैठता है। भगवान शिव अनादि और अविनाशी हैं। उन्होंने कहा कि संपूर्ण सृष्टि का प्रलय हो सकता है, लेकिन भगवान शिव और उनकी नगरी काशी का कभी प्रलय नहीं होता।
कथा के दौरान संत सुमेधानंद महाराज ने कहा कि शिव परिवार हमें विपरीत परिस्थितियों में भी संतुलित और प्रसन्न रहने की प्रेरणा देता है। जीवन में सुख और दुख दोनों अस्थायी हैं, इसलिए प्रत्येक परिस्थिति को ईश्वर का प्रसाद मानकर स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्त्री, पुरुष, बालक और बालिका सभी को भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए तथा उनके आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए। इस दौरान पर भागवताचार्य आचार्य नवलेश दीक्षित महाराज सहित ज्योतिषाचार्य पं. नारायण दत्त त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, चेयरमैन नरेन्द्र गुप्ता, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, पहाड़ी ब्लॉक प्रमुख सुशील द्विवेदी, राष्ट्रीय रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत उर्फ प्रिंस करवरिया, सद्गुरु ट्रस्ट से उषा जैन, डॉ. निर्मल गेहानी, डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, संजय अग्रवाल, स्वप्निल अग्रवाल आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।


No comments:
Post a Comment