बांदा, के एस दुबे । थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) पुलिस ने महिला को कथित रूप से ₹1.38 लाख में बेचकर हरियाणा में जबरन विवाह कराने के मामले में फरार चल रहे मध्यस्थ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में तीन आरोपियों को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में मानव तस्करी, बाल विवाह एवं बालश्रम समेत अन्य मामलों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 18 सितंबर को एएचटीयू टीम ने मुखबिर की सूचना पर प्रेमचन्दर पुत्र लल्लू, निवासी सोनहुली थाना बबेरू को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, चित्रकूट जनपद की रहने वाली पीड़िता ने 22 नवंबर 2025 को
एएचटीयू थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि 20 नवंबर को उसकी मां मुन्नी और भाई जयनारायण उसे बांदा लाए और कथित तौर पर ₹1,38,000 में हरियाणा निवासी कृष्ण कुमार को बेच दिया। इसके बाद उसकी जबरन शादी करा दी गई, जबकि पीड़िता पहले से शादीशुदा थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएचटीयू पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने पीड़िता के बयान, भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान मध्यस्थ की भूमिका सामने आने पर प्रेमचन्दर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच की जा रही है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपी जगनारायण उर्फ जयनारायण पुत्र मुन्नीलाल, निवासी डाड़ी चमरौडी, थाना मानिकपुर, चित्रकूट. कृष्ण कुमार पुत्र शिवराम, निवासी वासवार, थाना हसनपुर, तहसील होडल, पलवल, हरियाणा। बलराम पुत्र राजेन्द्र, निवासी बडोकी, थाना हसनपुर, जिला पलवल, हरियाणा। गिरफ्तार करने वाली टीम: प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, कांस्टेबल महेश, कांस्टेबल दिलीप एवं महिला कांस्टेबल रचना, थाना एएचटीयू।


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