मुनीर नामक व्यक्ति के द्वारा कई जगहों पर कौशल विकास फर्जी तरीके से चलने का आरोप
बांदा जनपद सहित फतेहपुर व चित्रकूट में भी संचालित है
बच्चों की फर्जी हाजिरी लगाकर कर रहे पैसे का गबन
बांदा, के एस दुबे । जनपद बांदा में संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों में गंभीर अनियमितताओं एवं कथित फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए मुख्य विकास अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि जनपद में संचालित विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों में अनियमितताएं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। शिकायतकर्ता के पास उपलब्ध फोटो एवं वीडियो के आधार पर आरोप लगाया गया है कि कई प्रशिक्षण केंद्रों पर नियमित रूप से प्रशिक्षण कक्षाएं संचालित नहीं की जा रही हैं। इसके बावजूद प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जा रही है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रशिक्षण पार्टनरों द्वारा अपने निजी कार्यालयों अथवा आवास से ही कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि प्रशिक्षणार्थियों को निर्धारित प्रशिक्षण केंद्रों पर वास्तविक रूप से प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इसे शासन की महत्वाकांक्षी कौशल विकास योजना के उद्देश्यों को प्रभावित करने के साथ ही सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग का गंभीर मामला बताया है। प्रशिक्षण पार्टनरों द्वारा संचालित कार्यालय एवं प्रशिक्षण केदो की जांच कर सत्यापित कराए जाने की मांग की गई है साथी आरोप है कि अधिकारियों को भी हर महीने सिस्टम का हिस्सा दिया जाता है इसलिए वह भी कार्यवाही नहीं करते शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में उसके पास फोटो और वीडियो जैसे प्रथम दृष्ट्या साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। शिकायती पत्र में मुख्य विकास अधिकारी से मांग की गई है कि जनपद में संचालित सभी कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों का बिना पूर्व सूचना के आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए। प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति, लॉगिन विवरण एवं अन्य अभिलेखों का मौके की वास्तविक स्थिति से मिलान कराया जाए।
साथी मुनीर जो कई कौशल विकास संस्थान चल रहा है जिसका एक गुरु भी है जो दोनों लोग मिलकर करोड़ों रुपए का बंदर बात किया है और सरकार के पैसे का अपनी निजी हित में लगाया है। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं समाजसेवी दिलीप सिंह ने भी कौशल विकास पर हुए फर्जीवाड़ें के विरोध में मांग की है कि सभी कौशल विकास संस्थाओं की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो क्योंकि आज तक किसी भी गरीब परिवार के बच्चों को कौशल विकास का एक भी लाभ नहीं मिला।


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