बांदा, के एस दुबे । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर डॉ. राममनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी, लखनऊ में प्रांतीय सिविल सेवा के 91वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे करीब 50 अधिकारियों ने बांदा का भ्रमण किया। अधिकारियों ने जिले के एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) के अंतर्गत चयनित शजर स्टोन क्राफ्ट का अवलोकन किया। अधिकारियों ने शहर के बलखंडी नाका स्थित बुंदेलखंड शजर हस्तकला उद्योग के कारखाने एवं शोरूम पहुंचकर शजर पत्थर से तैयार किए जा रहे उत्पादों और कलाकृतियों का बारीकी से अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने प्रोपराइटर एवं नेशनल अवार्ड प्राप्त द्वारिका प्रसाद सोनी के पुत्र रविशंकर सोनी उर्फ मोनू (स्टेट अवार्ड प्राप्त) से उद्योग के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
उन्हें बताया गया कि शजर पत्थर से श्रीराम मंदिर, ताजमहल, कालिंजर किला, हाउस बोट, टेबल लैंप सहित विभिन्न कलाकृतियां तैयार की जाती हैं। इसके अलावा शजर पत्थर से ज्वैलरी, नेकलेस सेट, पेंडेंट आदि उत्पाद भी बनाए जाते हैं। प्रशिक्षु अधिकारियों ने शजर पत्थर के मिलने, उसकी कटिंग व तराशी, विभिन्न उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया के साथ पैकेजिंग और मार्केटिंग की जानकारी भी ली। अधिकारियों ने जिले से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक शजर उत्पादों की खपत, उत्पादन में होने वाले खर्च तथा आय के संबंध में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस दौरान करीब 50 प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।


No comments:
Post a Comment