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Tuesday, October 27, 2026

2027 में जाति-धर्म के नाम पर चुनाव लड़ेगी भाजपा: टिकैत

एमएसपी की कानूनी गारंटी व गन्ने का भाव पांच सौ रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग

फतेहपुर, मो शमशाद । असोथर मंडी समिति में मंगलवार को आयोजित किसान हुंकार महारैली में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। दोपहर करीब ढाई बजे पहुंचे टिकैत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा जाति व धर्म के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने धान खरीद में गड़बड़ी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर फसलों की बिक्री और गन्ने के मूल्य का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

किसान हुंकार महारैली को संबोधित करते राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।

राकेश टिकैत ने कहा कि इस समय किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्याओं में धान की खरीद शामिल है। किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाला मंसूरी धान रामपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर और बरेली जैसे जिलों में ले जाकर बेचा जा रहा है, जबकि इन क्षेत्रों में मंसूरी धान की पैदावार नहीं होती। उनके मुताबिक, किसानों के नाम पर बिचौलियों और व्यापारियों का खेल चल रहा है। उन्होंने रामपुर में एक साल के दौरान करीब दो सौ करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की गड़बड़ियों से स्थानीय किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। टिकैत ने देश में एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर किसानों की फसल खरीदने पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान के साथ मक्का और आलू समेत कई फसलों को किसान एमएसपी से कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। गन्ना किसानों का मुद्दा उठाते हुए राकेश टिकैत ने गन्ने का मूल्य कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की। उन्होंने पूर्ववर्ती मायावती व अखिलेश यादव सरकारों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी हुई थी, जबकि मौजूदा सरकार में गन्ने के दाम बढ़ाने की गति अपेक्षाकृत कम है। राजनीतिक माहौल पर टिप्पणी करते हुए टिकैत ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जाति और धर्म के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि जनता को इन मुद्दों में उलझाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जाती है। किसान नेता ने किसानों की समस्याओं के समाधान, फसलों का उचित मूल्य और एमएसपी की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।

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