वादी के अधिवक्ता सैय्यद नाजिश रजा ने रखे तथ्य
फतेहपुर, मो शमशाद । उमराव राइस मिल के मालिक भूपेन्द्र उमराव से मेटल एल्वाय प्रा0लि0 के एमडी सतेन्द्र सिंह ने अपने सहयोगी आशीष के साथ मिलकर राइस मिल बन्द करवा देने का भय दिखाकर पन्द्रह लाख रूपए लिए थे। पैसा मिलने में देरी होने पर अपने मीडिया हाउस चैनल से भूपेन्द्र उमराव को बदनाम करने की नियत से अपना फर्जी वीडियो वायरल कर दिया। मांग दिन पर दिन बढ़ती जा रही थी। पहले पांच लाख रूपए लिए, फिर दस लाख और बाद में भूपेन्द्र उमराव को छेक कर बीस लाख रूपए की डिमांड करने लगा। सतेन्द्र कुमार काफी पहुंच वाला व दबंग व्यक्ति है। 17 फरवरी 2026 को सतेन्द्र कुमार ने पीछा करते हुए भूपेन्द्र को रोक लिया और बीस लाख
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| वादी के अधिवक्ता सैय्यद नाजिश रजा। |
रूपए की डिमांड करने लगा। न मिलने पर अपने चैनल से बदनाम करने का पुनः भय बनाया। सतेन्द्र काफी असरदार व्यक्ति हैं इसलिए थाने की पुलिस सतेन्द्र के खिलाफ कोई शिकायत नहीं सुनती है। न्यायालय ए0सी0जे0एम0 कोर्ट नं. 3 फतेहपुर के आदेश पर पुलिस थाना बिन्दकी को रिपोर्ट लिखनी पड़ी लेकिन सतेन्द्र को लाभ पहुंचाने के लिए सरसरी तौर पर विवेचना करके न्यायालय में सतेन्द्र सिंह के पक्ष में अन्तिम आख्या प्रस्तुत कर दी। वादी भूपेन्द्र उमराव की ओर से उनके अधिवक्ता सैय्यद नाजिश रजा ने न्यायालय में प्रोटेस्ट पेटीशन योजित की और विवेचना में विवेचक द्वारा की गई गल्तियों के विषय में अपना पक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने अधिवक्ता सैय्यद नाजिश रजा द्वारा रखे गए तथ्यों से सन्तुष्ट होकर पुनः अग्रिम विवेचना किए जाने का आदेश पारित किया है।


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