बांदा न्यायालय ने सुनाया फैसला, 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
बांदा, के एस दुबे । जनपद में महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बांदा न्यायालय ने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की पैरवी के चलते यह सजा दिलाई गई। पुलिस के अनुसार, मामला वर्ष 2022 में थाना अतर्रा क्षेत्र के एक गांव का है। दिनांक 8 अगस्त 2022 को पीड़िता की मां ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि
मटौंध थाना क्षेत्र के दुरेड़ी गांव निवासी वीरेन्द उर्फ वीरेन्दा पुत्र बबलू उनकी नाबालिग पुत्री को 10 जुलाई 2022 को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। मामले में थाना अतर्रा पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना शुरू की थी। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार दुबे ने मामले की विवेचना करते हुए पीड़िता के बयान और मेडिकल परीक्षण सहित आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
प्रभावी पैरवी से अभियुक्त को सजा
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन और मिशन शक्ति अभियान के तहत मामले में प्रभावी पैरवी की गई। विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार गुप्ता एवं शिवपूजन सिंह ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष रखा। वहीं, कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी अमित कुमार और पैरोकार आरक्षी अभिजीत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यायालय ने अभियुक्त वीरेन्द उर्फ वीरेन्दा निवासी दुरेड़ी, थाना मटौंध, जनपद बांदा को धारा 363, 366, 504 भादवि एवं धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत महिला एवं बाल अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।


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