नवरात्रि के पहले दिन भक्ति के रंग में रंगा बांदा शहर, मंदिरों में गूंजे माँ दुर्गा के जयकारे
बांदा, के एस दुबे । पितृपक्ष की विदाई के साथ ही आज से शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र पूरे हर्षाेल्लास के साथ शुरू हो गया है। बांदा शहर में नवरात्रि के पहले दिन आस्था और भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। तड़के सुबह से ही मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वहीं, गली-मोहल्लों से लेकर शहर के प्रमुख चौराहों तक भव्य देवी पंडालों में माँ दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ नौ दिवसीय शक्ति पर्व का आग़ाज़ हो चुका है। शहर में इस बार 400 से भी अधिक देवी प्रतिमाएं सजाई गई हैं, जिससे पूरा बांदा दुल्हन की तरह जगमगा उठा है।
शक्ति की भक्ति में डूबे बांदा शहर में चारों ओर उत्साह और उल्लास की बयार बह रही है। नवरात्रि के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री के पूजन-अर्चन के साथ ही तड़के सुबह से ही सिद्धपीठ महेश्वरी देवी मंदिर और बाबूलाल चौराहा स्थित प्रसिद्ध काली देवी मंदिर में भक्तों का जमावड़ा लगने लगा। सुबह करीब तीन बजे से ही मंदिरों के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालु हाथों में जल, फूल और पूजन सामग्री लेकर कतारों में खड़े नजर आए। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा परिसर श्जय माता दीश् और श्साँचा दरबार की जयश् के गगनभेदी जयकारों से गूँज उठा। श्रद्धालुओं ने माँ के पावन चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। दूसरी ओर, शहर के घर-घर में विधि-विधान से कलश स्थापना की गई और महिलाओं ने व्रत रखकर नौ दिनों तक माँ दुर्गा की कठिन साधना का संकल्प लिया।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर इस बार बांदा में भव्यता का एक अलग ही नज़ारा देखने को मिल रहा है। बांदा शहर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 400 से अधिक देवी पंडालों के लिए पंजीकरण कराया गया है, जबकि ग्रामीण अंचलों को मिलाकर यह संख्या और भी ज्यादा हो जाती है। पूरे शहर को आकर्षक बिजली की झालरों, तोरणद्वारों और भव्य पंडालों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। अगले नौ दिनों तक इन पंडालों में माँ भगवती के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना, सुबह-शाम भव्य आरती, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। नगर पालिका और पुलिस-प्रशासन की ओर से भी साफ़-सफाई और सुरक्षा के कड़े इंतज़ााम किए गए हैं। पितृपक्ष के समापन के बाद आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है और बांदा का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है। मंदिरों में जहाँ तड़के 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी हैं, वहीं शहर भर में सजे 400 से ज्यादा देवी पंडाल बांदा की इस आस्था को और भव्य रूप दे रहे हैं। अगले नौ दिनों तक पूरा शहर माँ दुर्गा की भक्ति और भजनों में डूबा रहेगा।ष् कुल मिलाकर, नवरात्रि के पहले दिन बांदा में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत नजारा दिखा। मंदिरों में दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की भीड़ और शहर भर में रोशन सजे देवी पंडालों ने यह साफ़ कर दिया है कि आने वाले नौ दिनों तक पूरा बांदा शहर माँ जगदम्बा की आराधना और साधना में पूरी तरह लीन रहने वाला है।


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