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Saturday, October 10, 2026

बांदा-रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल कॉलेज बाँदा में शालिनी सिंह पटेल के आंदोलन का असर

साजिया बेगम और सावित्री यादव पद से हटाई गईं; बोलीं—पहला विकेट गिरा, दूसरा बाकी

बांदा, के एस दुबे । रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग में सुधार की मांग को लेकर आवाज बुलंद करने वाली जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी बुंदेलखंड शालिनी सिंह पटेल के आंदोलन के बीच बड़ी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। साजिया बेगम खान और सावित्री यादव को मैट्रन इंचार्ज एवं कार्यवाहक मातृका पद से हटा दिया गया है। 21 सितंबर 2026 को बांदा के अशोक लाट पर शालिनी सिंह पटेल ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। इस आंदोलन के दौरान उन्होंने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की


जिम्मेदारियों और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने सहित कई मुद्दे उठाए थे। साजिया बेगम खान और सावित्री यादव को संबंधित पदों से हटाना उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था। अब दोनों को पद से हटाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद शालिनी सिंह पटेल ने अपने संघर्ष को जनता के अधिकारों की लड़ाई बताते हुए कहा कि यह शुरुआत है, अभी कई मांगों पर कार्रवाई होना बाकी है। उन्होंने कहा, “पहला विकेट गिरा है, दूसरा विकेट गिरने वाला है। जनता के हक की लड़ाई में पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। जब तक हमारी 15 सूत्रीय मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।” शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि अन्याय और अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाना आसान नहीं होता, लेकिन जनता के हित में ईमानदारी से लड़ी गई लड़ाई कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने कहा कि आमरण अनशन के दौरान उठाए गए मुद्दों का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष से विरोध नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार कर आम जनता को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। उन्होंने बांदा के 300 बेड वाले अस्पताल को जल्द शुरू कराने की मांग दोहराते हुए उम्मीद जताई कि इस दिशा में भी जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे। शालिनी सिंह पटेल ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल पदों पर बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मरीजों को बेहतर सुविधाएं और व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि 15 सूत्रीय मांगों पर पूरी तरह अमल होने तक जनता के हक की आवाज बुलंद होती रहेगी।





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