चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक धुस मैदान में विजयादशमी पर 71 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन होते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने रामलीला का मंचन देखा और भव्य आतिशबाजी का आनंद लिया। भगवान श्रीराम की झांकी की आरती के बाद रावण वध की लीला प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जनपदवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नगर पालिका की ओर से प्रतिवर्ष भव्य रामलीला और रावण दहन का आयोजन किया जाता है। यह हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि रावण दहन का वास्तविक संदेश अपने भीतर की बुराइयों का अंत करना है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में प्रेम और सौहार्द बनाए रखना चाहिए। पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा कि
धुस मैदान में 165 वर्षों से रामलीला का मंचन हो रहा है। विजयादशमी का पर्व बुराइयों को त्यागकर अच्छाइयों को अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारे के साथ रहने की अपील की। नगर पालिका के सहयोग से आयोजित इस परंपरागत उत्सव में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। आतिशबाजी और जयकारों के बीच उत्सव का उल्लास देखते ही बना। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, अधिशासी अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे स्वप्निल यादव, एसडीएम सदर अजय कुमार यादव, अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत, कर्वी कोतवाल अभयराज सिंह, नगर पालिका ईओ राजकिशोर प्रसाद, एई शुभम तिवारी, सभासद शंकर यादव, राजा साहू, शुभम केशरवानी, विनीत पयासी, अनुज निगम, बल्लू निषाद, राजस्व निरीक्षक राहुल पांडेय, सफाई निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला, प्रवीण श्रीवास्तव, ज्ञानचंद गुप्ता, शारदा तिवारी, राजेंद्र राम, असरफ भाई, अंकित जायसवाल, रामलीला समिति के संरक्षण के विवेक अग्रवाल, अध्यक्ष नरेश केसरवानी, राजीव श्रीवास्तव, रोहित केसरवानी, विनोद कुमार, जानकी केसरवानी, विजय मिश्रा, अशोक केशरवानी, जानकी शरण गुप्ता आदि मौजूद रहे।


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