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Monday, October 26, 2026

जल शक्ति राज्य मंत्री के धरने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने खड़े किए सवाल

करीबियों पर कार्रवाई हुई तो याद आई कानून-व्यवस्था

जल शक्तिमंत्री के धरने पर कांग्रेस का तीखा हमला

बांदा, के एस दुबे । जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद द्वारा कोतवाली के सामने दिए गए धरने को लेकर बांदा का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने मंत्री के इस कदम पर तीखा हमला बोलते हुए इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता की बुनियादी समस्याओं पर हमेशा खामोश रहने वाले मंत्री को अपने करीबियों पर कार्रवाई होने पर ही कानून-व्यवस्था की याद क्यों आती है? कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री रामकेश निषाद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं, बदहाल सड़कें और पेयजल संकट जैसी गंभीर समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन मंत्री ने कभी इन मुद्दों पर ऐसा आक्रामक रुख नहीं अपनाया।


मंडलीय चिकित्सालय और स्वास्थ्य सेवाएंरू बांदा में बनकर तैयार मंडलीय चिकित्सालय को चालू कराने या मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए मंत्री ने कभी धरना-प्रदर्शन नहीं किया। जिले की कई सड़कें जर्जर हालत में हैं और लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, परंतु जनहित के इन मुद्दों पर मंत्री की तरफ से कोई सक्रियता नहीं दिखाई दी।  अवैध बालू खनन और परिवहन के मामलों पर भी मंत्री की ओर से कभी कड़ा रुख या विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मंत्री के करीबी लोगों से जुड़े मामले के कारण ही यह सारा विवाद खड़ा हुआ। उन्होंने दावा किया कि मंत्री से जुड़े कुछ ट्रैक्टरों को चौकी प्रभारी द्वारा पकड़े जाने और सीज किए जाने से विवाद उपजा।राजेश दीक्षित के अनुसार, अवैध बालू परिवहन के संरक्षण और ट्रैक्टर रोके जाने से नाराज होकर मंत्री ने रिक्शा चालक से जुड़े विवाद को आधार बनाया और चौकी प्रभारी को हटाने तथा कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तंज कसते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब एक राज्य मंत्री और पुलिस के बीच इस तरह का टकराव सामने आ रहा है, तो इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम आदमी की सुनवाई किस स्तर पर हो रही होगी। उन्होंने अंत में कहा कि मंत्री को अपने निजी या करीबियों से जुड़े मामलों के बजाय आम जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए।कांग्रेस जिलाध्यक्ष के इस तीखे बयान के बाद बांदा के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।


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