रोड से 7 मीटर की दूरी पर नाला निर्माण कराया जा रहा है जबकि मानक में 10 से 11 मीटर के बीच में है
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा कस्बे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा अलग-अलग वर्षों में कराए गए नाला निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीण दिनेश गुप्ता ने निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में थाना जसपुरा से पुराने बस स्टैंड तक नाले का निर्माण कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2019 में इंडियन बैंक से ब्लॉक कार्यालय तक तथा आगे के हिस्से में बोल्डर-पत्थर से नाला बनाया गया। अब वर्ष 2026 में गल्ला मंडी से तरौड़ा पुलिया तक फिर से नाला निर्माण कराया जा रहा है।
ग्रामीण अशोक कुमार का आरोप है कि वर्तमान में कराए जा रहे निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। रोड से 7 मीटर की दूरी पर नाला निर्माण कराया जा रहा है जबकि मानक में 10 से 11 मीटर के बीच में है ठेकेदार द्वारा लोगों से मिलकर मोटी रकम लेकर मनको में भी अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नालों के निर्माण के बाद कई स्थानों पर उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे राहगीरों के गिरकर घायल होने का खतरा बना रहता है। वहीं, कुछ स्थानों पर नालों को मिट्टी से भर दिए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
उन्होंने मांग की कि वर्ष 2016, 2019 और 2026 में कराए गए नाला निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान स्वीकृत बजट, निर्माण की लंबाई, प्रयुक्त सामग्री, माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान और मौके पर हुए कार्य का तकनीकी सत्यापन कराया जाए। साथ ही वर्तमान निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाए। ग्रामीण ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने जनहित में शासन और विभागीय उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।


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