जीएसबी के नाम पर डस्ट बिछाने और नाली निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप
जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जांच कराने की अपील
बांदा, के एस दुबे । नगर पालिका परिषद बांदा के विकास कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला शहर के मोहल्ला केवटरा हरदौली मुक्तिधाम रोड का है, जहां इन दिनों पालिका द्वारा कराए जा रहे नाली व सीसी सड़क निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। घटिया सामग्री के इस्तेमाल और निर्माण में की जा रही लापरवाही को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस मामले को जनता दल यूनाइटेड की उत्तर प्रदेश प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी
शालिनी सिंह पटेल ने उजागर करते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। नाली निर्माण के दौरान मजबूती के लिए निर्धारित सरिया के जाल की जगह महज एक सरिया डालकर औपचारिकता पूरी की जा रही है। वहीं सीसी रोड के बेस के लिए डाले जाने वाले जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) के नाम पर केवल डस्ट डालकर खानापूर्ति किए जाने का आरोप है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि मुक्तिधाम जाने वाला यह मुख्य मार्ग है, जहां से दिन-रात लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग पर घटिया सामग्री से बन रही सड़क और नाली पहली ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो सकती है। लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता कर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा हो रही है। शालिनी सिंह पटेल ने जिलाधिकारी बांदा एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन जनता की गाढ़ी कमाई से आता है और विकास कार्यों में मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण कराकर उसकी गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने की मांग की। क्षेत्र के आक्रोशित लोगों ने भी जिलाधिकारी और नगर पालिका के उच्चाधिकारियों से मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कराया गया, तो वे निर्माण कार्य रोककर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।


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