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Friday, October 30, 2026

जेल की सलाखों के पीछे जगी रोशनी, बंदियों को मिले चश्मे

रेडक्रास संस्थापक की पुण्यतिथि पर सेवा की अनूठी पहल

डॉ. अनुराग श्रीवास्तव को जेल अधीक्षक ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

फतेहपुर, मो शमशाद । मानवता की सेवा का संकल्प लेकर जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों की रोशनी बिखेरने वाली इंडियन रेडक्रास सोसाइटी ने जिला कारागार में एक सराहनीय पहल की। रेडक्रास के संस्थापक सर जॉन हेनरी ड्यूनेन्ट की पुण्यतिथि पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में 86 बंदियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इनमें 70 पुरुष व 16 महिला बंदी शामिल रहीं। लंबे समय से दृष्टि संबंधी परेशानी से जूझ रहे बंदियों को चश्मे मिले तो उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक उठी। शुक्रवार को दोपहर इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के तत्वावधान में डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन एवं जगदम्बा आई क्लीनिक के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम

 बंदियों को निःशुल्क चश्मे का वितरण करते जेल अधीक्षक व साथ में रेडक्रास चेयरमैन।

का नेतृत्व रेडक्रास चेयरमैन एवं कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने किया। शुभारंभ जेल अधीक्षक नागेश सिंह एवं डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने सर जॉन हेनरी ड्यूनेन्ट की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद जेल अधीक्षक ने पांच बंदियों को चश्मे प्रदान कर वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम के तहत कुल 86 बंदियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इन सभी बंदियों का पूर्व में जगदम्बा आई क्लीनिक के चिकित्सक डॉ. विवेक अग्निहोत्री ने नेत्र परीक्षण किया था। जांच के बाद जरूरत के अनुसार चश्मे तैयार कराकर वितरित किए गए। चश्मे पाकर बंदियों ने खुशी जाहिर की। जेल अधीक्षक नागेश सिंह ने डॉ. अनुराग श्रीवास्तव के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना सराहनीय पहल है। उन्होंने डॉ. अनुराग को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जेलर जितेंद्र कुमार यादव, जेल चिकित्सक डॉ. सतीश चंद्र, फार्मासिस्ट संजीव कुमार एवं प्रमुख सहयोगी मीनाक्षी त्रिपाठी मौजूद रहे।


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