खागा, फतेहपुर, मो शमशाद । कस्बे के अयोध्या मंदिर में आयोजित रामलीला में दशरथ मरण व कैकेयी-दशरथ संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंच पर प्रस्तुत प्रसंगों को देखकर रामभक्त भावनाओं में डूब गए और देर तक रामलीला का आनंद लेते रहे। रामलीला के दौरान कैकेयी व राजा दशरथ के बीच हुए संवाद का मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से अपने वरदान मांगने तथा भगवान राम को वनवास भेजने के प्रसंग को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस घटनाक्रम से राजा दशरथ को पहुंचे गहरे दुख और उनकी विवशता को कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया। इसके बाद राजा दशरथ के मरण का मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
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| रामलीला में मंचन करते कलाकार। |
भगवान राम के वनवास के वियोग में राजा दशरथ की व्याकुलता व पुत्र प्रेम को देखकर दर्शक भावुक हो उठे। कलाकारों के संवाद, भाव-भंगिमा व अभिनय ने रामायण के इन प्रसंगों को मंच पर सजीव कर दिया। रामलीला देखने के लिए मौजूद दर्शक कलाकारों की प्रस्तुति में पूरी तरह डूबे नजर आए। अयोध्या मंदिर में आयोजित रामलीला के माध्यम से दर्शकों को मर्यादा, त्याग, कर्तव्य व पारिवारिक संबंधों के महत्व का संदेश भी मिला। रामलीला भारतीय संस्कृति व धार्मिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस दौरान हरिश्चंद्र सिंह, प्रकाश पांडेय, हरिओम, जंग बहादुर सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


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