डेडबाडी पहुंचाने की विवि प्रशासन ने नहीं की व्यवस्था
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । ग्रामोदय विश्वविद्यालय में कृषि संकाय में पढने वाले छात्र माधेश जामरे ने शनिवार को कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक छात्र माधेश जामरे खरगौन एमपी के थे। रविवार को चित्रकूट पहुंचे मृतक छात्र के परिजनों के साथ अन्य छात्रों ने आरोप लगाया कि कृषि संकाय के डीन प्रो देव प्रभाकर राय समेत प्रो पवन सिरोठिया के प्रताड़ित व अपमानित करने से छात्र ने आत्महत्या की है। रविवार को छात्रों ने बताया कि डीन प्रो देव प्रभाकर राय व प्रो पवन सिरोठिया सदैव छात्रों से गाली-गलौज करते थे। छात्रों को आतंकवादी कहते थे। इससे छात्र माधेश जामरे ने फांसी लगाकर जान दे दी। आदिवासी छात्रों को आतंकवादी कहकर गाली-
थानाध्यक्ष को तहरीर देते छात्र। |
गलौज करते विश्वविद्यालय के डीन व प्रो की अराजकता थमने का नाम नहीं ले रही। विश्वविद्यालय शैक्षणिक गतिविधियों से ज्यादा अराजकता व धांधली को लेकर सुर्खियों में है। बीते दिनों विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एक लड़की ने मैडल देने को लेकर पक्षपात का आरोप लगाया था। लड़की ने थाना चित्रकूट पुलिस मे रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। अब पुनः विश्वविद्यालय सुर्खियों में है। कृषि संकाय में पढ़ने वाले आदिवासी छात्र माधेश जामरे के आत्महत्या से ग्रामोदय विश्वविद्यालय प्रशासन ने बेशर्मी की हदें पार कर दी। मृतक छात्र के परिजनों को सांत्वना देने कोई नहीं पहुंचा। डेडबॉडी ले जाने को परिजनों की कोई मदद नहीं की। पोस्टमार्टम बाद सहयोगी छात्रों ने चंदा कर डेडबॉडी खरगौन पहुंचाने को 26 हजार रुपये की व्यवस्था की।
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