संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते के 35 वर्ष पूरे होने हुआ कार्यक्रम का आयोजन
बांदा, के एस दुबे । यूनिसेफ के भारत में 75 वर्ष और संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते के 35 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मंडलायुक्त समेत चारों जिलों के डीएम और मुख्य विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। आयुक्त ने सभी को बाल अधिकारों के लिए षपथ दिलाई। इस दौरान बच्चों के सर्वांगीण और समावेशी विकास से सम्बन्धित चुनौतियों एवं प्राथमिकताओं की पहचान करना एवं लिंग और समानता जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अंतिम छोर के बच्चों के लिए परिणामों में तेजी लाने के लिए सभी हितधारकों की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करना था। मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने यूनिसेफ को भारत में 75 वर्ष के योगदान के लिए बधाई दी। कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बच्चो के जीवन को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा यूनिसेफ को तकनीकी सहायता प्रदान करने हेतु प्रोत्साहित किया। यूनिसेफ के बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश कुमार ने बाल अधिकार समझौते के 35 और यूनिसेफ के 75 वर्ष की यात्रा पर एक लघु फिल्म दिखाई। उन्होंने कहा
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| कार्यक्रम के दौरान मौजूद बच्चे, आयुक्त व चारों जिलों के डीएम |
की यूनिसेफ, उत्तर प्रदेश में सरकार व सभी हितधारकों के साथ मिलकर बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, संरक्षण एवं सहभागिता के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ‘हर बच्चे को हर अधिकार’ की परिकल्पना सबके संयुक्त एवं सार्थक प्रयासों से ही संभव हो सकेगा। ओपन सत्र में मण्डल में बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति और प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई. संगोष्ठी में सभी ने बाल अधिकार को सुनिश्चित करने की शपथ ली। संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौता बच्चों के अधिकारों पर एक महत्वपूर्ण एवं कानूनी रूप से मान्य विश्वव्यापी मानवाधिकार समझौता है, जिसका प्रारूप 20 नवंबर 1989 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित किया गया एवं 1990 में लागू किया गया। इसे भारत ने 1992 में अंगीकृत किया था। 18 वर्ष से कम उम्र के हर व्यक्ति को बच्चा माना गया है और इसके लिए 54 आर्टिकल में बच्चे को बिना भेदभाव के सभी अधिकारों को देने का वादा किया गया है जिसमें मुख्य रूप में जीवन जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार एवं प्रतिभागिता के अधिकार स्माइल हैं। बैठक में चित्रकूट धाम मंडल के विभिन्न जनपदों से मंडल एवं जनपद स्तरीय लगभग संगोष्ठी में लगभग 150 अधिकारियों तथा यूनिसेफ के अधिकारी एवं सलाहकार आदि ने प्रतिभाग किया।


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