मऊ/चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । मऊ नगर पंचायत में कस्बा स्थित डिग्री कालेज के सामने चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं व गोवर्धन पूजा, रासलीला, कृष्ण रुक्मिणी विवाह की कथा सुनकर भक्त भाव विभोर हो गये। कर्म करना जीव का धर्म है फल देना ईश्वर का काम। बुधवार को कथा व्यास आचार्य संजयराम शुक्ला ने गोवर्धन पूजा की कथा सुनाते हुए कहा कि सात कोष लम्बे कालिका के देवता गोवर्धन नाथ को सात वर्ष के कन्हैया ने अपने सबसे छोटी उंगली पर सात दिन रखा और इंद्रदेव का अभिमान तोडा। इसलिए मनुष्य को कभी अभिमान
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| कथा सुनाते कथा व्यास। |
नही करना चाहिए। जीव को कर्म करते हुए फल की इच्छा नही करनी चाहिए। कथा व्यास ने बताया कि भगवान ने कर्म को प्रधान माना है। कहा कि कर्म करना जीव का धर्म है फल देना मेरा काम है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा वह कल्प वृक्ष है जिसके श्रवण मात्र से मानव का जीवन धन्य हो जाता है। इस मौके पर पूर्व बीडीसी सदस्य रमाशंकर त्रिपाठी व अनूप कुमार द्विवेदी मुख्य यजमान विजय बहादुर नामदेव पत्नी अनार कली, बालकृष्ण, हनुमान, लवकुश, रामप्रसाद, राजू सुरेश नामदेव सहित भारी संख्या में श्रोता दूर-दूर से लोगों ने कथा का आनंद लिया मौजूद रहे।


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