कामदगिरी में गूंजा जयकारा
नौतपा की तपन भी न रोक सकी श्रद्धा की धारा
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । ज्येष्ठ मास की सोमवती अमावस्या पर धर्म, आस्था और परंपरा का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला कि तपती धूप भी फीकी पड़ गई। मंदाकिनी के पावन तट पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, और फिर भगवान कामतानाथ के दर्शन कर पांचकोसी परिक्रमा की परंपरा निभाई। गर्म पत्थरों से तपती राह भी भक्तों की आस्था को डिगा न सकी। सोमवार को नौतपा की झुलसाती गर्मी के बीच दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर जैसे ही सोमवती अमावस्या का मुहूर्त शुरू हुआ, वैसे ही धर्मनगरी में श्रद्धा की गंगा बहने लगी। मानो हर दिशा से भक्तगण मंदाकिनी की ओर उमड़ पड़े हों। जानकीकुंड, सती अनुसुइया आश्रम, हनुमानधारा, गुप्तगोदावरी जैसे पुण्य स्थलों पर भक्तों की कतारें श्रद्धा की गहराई बयान कर रही थीं।
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| मां मंदाकिनी किनारे सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते एएसपी |
कामदगिरि परिक्रमा में हालांकि गर्म पत्थरों से कुछ श्रद्धालुओं को पैरों में जलन की शिकायत हुई, मगर जय कामतानाथ बाबा की के जयघोष में हर पीड़ा भुला दी गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन मुस्तैद दिखा- हर प्रमुख स्थल पर पुलिस बल की तैनाती रही। लोगों ने न केवल स्नान और दान किया, बल्कि व्रत, पूजा और जाप से अपने परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना भी की। चित्रकूट की धरती पर आस्था का यह अद्वितीय पर्व एक बार फिर यह साबित कर गया कि धर्म की डगर चाहे तप्त हो या कठिन, श्रद्धा जब साथ हो तो हर राह सरल हो जाती है।
मेला सुरक्षा का सतर्क निरीक्षण
ज्येष्ठ अमावस्या मेले को सकुशल संपन्न कराने को एएसपी सत्यपाल सिंह ने रेलवे स्टेशन कर्वी व मेला क्षेत्र सीतापुर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व पुलिस कर्मियों को सतर्कता व जिम्मेदारी से ड्यूटी करने के निर्देश दिए।


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